रिकॉर्ड कमाई, टिकट महंगे, फिल्मों की बाढ़ और हर भाषा का सिनेमा बूम पर
साल 2025 भारतीय सिनेमा के इतिहास में एक नए युग के रूप में दर्ज हो गया है। कोविड के बाद पहली बार फिल्म इंडस्ट्री ने ऐसी रफ्तार पकड़ी है, जिसने पुराने सभी रिकॉर्ड पीछे छोड़ दिए हैं। खास बात यह रही कि बॉक्स ऑफिस पर फिल्मों की कुल कमाई में सालाना करीब 13 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई। इसी के साथ सिनेमाघरों में टिकट के दामों में लगभग 20 प्रतिशत की बढ़ोतरी भी देखने को मिली। इसके बावजूद दर्शकों की संख्या में कमी नहीं आई। बल्कि, लोग बड़ी संख्या में थिएटर तक पहुंचे। नतीजतन, जनवरी 2025 से जनवरी 2026 के बीच देशभर में कुल 38 फिल्में 100 करोड़ क्लब में शामिल हो गईं। यह आंकड़ा अपने आप में ऐतिहासिक माना जा रहा है।
धुरंधर बनी नंबर-1
आदित्य धर के निर्देशन में बनी फिल्म ‘धुरंधर’ ने बॉक्स ऑफिस पर तहलका मचा दिया। फिल्म ने 1300 करोड़ रुपये से ज्यादा का वर्ल्डवाइड कलेक्शन किया। इसके साथ ही यह बीते 9 वर्षों में चौथी बार किसी हिंदी फिल्म के लिए देश की नंबर-1 फिल्म बनने का गौरव हासिल करने में सफल रही। इसके अलावा, दक्षिण भारतीय सिनेमा के जबरदस्त दबदबे के बीच हिंदी फिल्मों ने भी मजबूत वापसी की। ‘वॉर-2’, ‘छावा’ और ‘सैयारा’ जैसी फिल्मों ने शानदार प्रदर्शन किया और दर्शकों को सिनेमाघरों तक खींच लाने में अहम भूमिका निभाई।
हर भाषा के सिनेमा का उछाल
सिर्फ हिंदी ही नहीं, बल्कि मलयालम सिनेमा ने भी इस साल चौंकाने वाला प्रदर्शन किया। मलयालम फिल्मों का कारोबार 2024 के 572 करोड़ रुपये से बढ़कर 2025 में 1165 करोड़ रुपये तक पहुंच गया। यानी लगभग 100 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई। वहीं, बीते वर्षों की बात करें तो 2024 में अल्लु अर्जुन की ‘पुष्पा-2: द रूल’ ने 1600 करोड़ से ज्यादा की कमाई कर टॉप पोजिशन हासिल की थी। 2023 में ‘जवान’, 2020 में ‘तानाजी’ और 2019 में ‘वॉर’ अपने-अपने साल की नंबर-1 फिल्म रहीं। तेलुगु सिनेमा भी लगातार मजबूत रहा है। ‘बाहुबली’, ‘आरआरआर’ और ‘पुष्पा द राइज’ जैसी फिल्मों ने अलग-अलग वर्षों में हिंदी सिनेमा को पीछे छोड़ा। कुल मिलाकर, 2025 भारतीय सिनेमा के लिए एक मील का पत्थर साबित हुआ है। आने वाले सालों में इंडस्ट्री से और भी बड़े रिकॉर्ड की उम्मीद की जा रही है।
