जयपुर।
दीया कुमारी को सामाजिक एवं सामुदायिक सेवा के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान के लिए डी.लिट्. (मानद) उपाधि से सम्मानित किया गया। यह सम्मान IIS University के 11वें दीक्षांत समारोह में प्रदान किया गया।
राज्यपाल ने किया सम्मानित
इंटरहेडिंग के बाद पूरे क्रम में देखें तो, इस समारोह में हरिभाऊ किसनराव बागड़े मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे और उन्होंने दीया कुमारी को यह सम्मान प्रदान किया। इस अवसर पर दीया कुमारी विशिष्ट अतिथि के रूप में समारोह में शामिल हुईं।
तीसरी बार मिला मानद सम्मान
इंटरहेडिंग के बाद पूरे क्रम में समझें तो, यह दीया कुमारी को मिली तीसरी मानद उपाधि है। इससे पहले उन्हें Amity University और NIMS University द्वारा भी डी.लिट्. से सम्मानित किया जा चुका है।
विद्यार्थियों को दी शुभकामनाएं
सम्मान मिलने पर दीया कुमारी ने प्रसन्नता व्यक्त की और राज्यपाल व विश्वविद्यालय का आभार जताया। उन्होंने समारोह में उपस्थित विद्यार्थियों को उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं और उन्हें आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।
शिक्षा को बताया प्रगति की आधारशिला
इंटरहेडिंग के बाद पूरे क्रम में देखें तो, अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि शिक्षा किसी भी समाज और राष्ट्र की प्रगति की आधारशिला होती है। उन्होंने विशेष रूप से बालिका शिक्षा के महत्व पर जोर देते हुए कहा कि जब एक बेटी शिक्षित होती है, तो वह पूरे परिवार और समाज को आगे बढ़ाती है।
संस्थापक डॉ. अशोक गुप्ता को किया याद
इस अवसर पर उन्होंने विश्वविद्यालय के दिवंगत संस्थापक डॉ. अशोक गुप्ता को याद किया। उन्होंने कहा कि उनके दूरदर्शी नेतृत्व ने शिक्षा के क्षेत्र में नए आयाम स्थापित किए।
3450 विद्यार्थियों को मिली डिग्री
इंटरहेडिंग के बाद पूरे क्रम में समझें तो, समारोह में आर्ट्स, कॉमर्स और साइंस सहित विभिन्न संकायों के 3450 विद्यार्थियों को डिग्रियां प्रदान की गईं। इस दौरान शैक्षणिक उत्कृष्टता हासिल करने वाले छात्रों को विशेष रूप से सम्मानित भी किया गया।
विश्वविद्यालय ने पेश की वार्षिक रिपोर्ट
कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के चांसलर अमित गुप्ता ने अतिथियों का स्वागत किया। वहीं, वाइस चांसलर प्रो. टी. एन. माथुर ने वार्षिक रिपोर्ट प्रस्तुत कर संस्थान की उपलब्धियों पर प्रकाश डाला।
समारोह का हुआ समापन
अंत में प्रो चांसलर सुमित गुप्ता ने धन्यवाद ज्ञापन दिया और कार्यक्रम का समापन हुआ। इस दौरान विश्वविद्यालय के कई वरिष्ठ पदाधिकारी और सदस्य उपस्थित रहे।
