पुलिस और RTO बनकर चेकिंग का बहाना, चालक-क्लीनर के मोबाइल भी छीने
फतेहगढ़ साहिब से सरिया लेकर जा रहे 18 टायरी ट्रॉला को लुटेरों ने फिल्मी अंदाज में लूट लिया। आरोप है कि तीन बदमाश लाल बत्ती लगी कार में आए। उन्होंने खुद को पुलिस और RTO अधिकारी बताया। इसके बाद चेकिंग के बहाने 35 टन सरिया से भरा ट्रॉला लेकर फरार हो गए। यह वारदात तड़के करीब 3 बजे हाईवे पर लांडरा चौक के पास हुई। घटना के बाद इलाके में हड़कंप मच गया। फिलहाल सोहाना थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
ढाबे पर रुका था ट्रॉला, तभी पहुंचे लुटेरे
ट्रॉला चालक अशोक यादव ने शिकायत में बताया कि वह अपने मामा का ट्रॉला चला रहा था। उसने फतेहगढ़ साहिब के एक कारखाने से 35 टन सरिया लोड किया था। इसके बाद वह खरड़ की ओर रवाना हुआ। रास्ते में अधिक लोड के कारण टायर गर्म हो गए। इसलिए वह लांडरा चौक से आधा किलोमीटर पहले एक ढाबे पर रुक गया। इसी दौरान लाल बत्ती लगी एक कार वहां आकर रुकी।
ओवरलोडिंग का डर दिखाकर ट्रॉला ले उड़े
कार से उतरे तीन लोगों में से एक ने खुद को RTO अधिकारी बताया। बाकी दो ने पुलिसकर्मी होने का दावा किया। उन्होंने कागजात चेक करने के लिए मांगे। जांच के बहाने एक युवक ट्रॉला में चढ़ गया। अचानक उसने ट्रॉला स्टार्ट किया और आगे बढ़ गया। जब चालक और क्लीनर ने विरोध किया, तो उन्हें ओवरलोडिंग का केस दर्ज करने की धमकी दी गई। इतना ही नहीं, बदमाशों ने दोनों के मोबाइल फोन भी छीन लिए। इसके बाद कुछ दूरी पर उन्हें नीचे उतारकर ट्रॉला लेकर फरार हो गए।
जांच में जुटी पुलिस
घटना के बाद चालक ने किसी तरह सूचना दी। पुलिस ने आपराधिक धाराओं में केस दर्ज कर लिया है। आसपास के CCTV फुटेज खंगाले जा रहे हैं। यह वारदात हाईवे सुरक्षा और फर्जी अधिकारियों के बढ़ते खतरे को लेकर गंभीर सवाल खड़े करती है। पुलिस का कहना है कि आरोपियों को जल्द पकड़ लिया जाएगा।
