एनडीपीएस एक्ट के तहत दोषी करार, एक लाख रुपये जुर्माना भी लगाया
साढ़े चार साल पुराने मामले में आया फैसला
फतेहगढ़ साहिब की स्पेशल कोर्ट ने प्रतिबंधित नशीले इंजेक्शनों से जुड़े एक मामले में कड़ा फैसला सुनाया है। अदालत ने युवक को दोषी करार देते हुए 10 साल की कठोर कैद की सजा सुनाई है। इसके साथ ही आरोपी पर 1,00,000 रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है। यह फैसला पुलिस द्वारा पेश किए गए ठोस सबूतों और गवाहों के बयानों के आधार पर सुनाया गया।
नाकाबंदी के दौरान हुआ था खुलासा
यह मामला 28 अक्टूबर 2021 का है। उस दिन फतेहगढ़ साहिब थाना पुलिस गुरुद्वारा श्री रथ साहिब के पास नाकाबंदी कर रही थी। इसी दौरान एक युवक पुलिस को देखकर घबरा गया और भागने की कोशिश करने लगा। पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए उसे मौके पर ही काबू कर लिया। आरोपी की पहचान गांव डेरा मीर मीरां निवासी मनजिंदर सिंह के रूप में हुई।
तलाशी में बरामद हुए प्रतिबंधित इंजेक्शन
नियमानुसार की गई तलाशी के दौरान आरोपी के कब्जे से 24 प्रतिबंधित नशीले इंजेक्शन बरामद किए गए। इसके अलावा 38 शीशियां भी मौके से मिलीं। पुलिस के अनुसार यह सभी दवाएं प्रतिबंधित श्रेणी में आती थीं। आरोपी इन दवाओं से संबंधित कोई भी वैध दस्तावेज पेश नहीं कर सका। इसके बाद पुलिस ने उसे मौके पर ही गिरफ्तार कर लिया।
एनडीपीएस एक्ट के तहत दर्ज हुआ था केस
पुलिस ने आरोपी के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट सहित अन्य संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया। जांच के दौरान बरामद सामग्री को फॉरेंसिक जांच के लिए भेजा गया। फॉरेंसिक रिपोर्ट ने भी दवाओं के प्रतिबंधित होने की पुष्टि की। इसके साथ ही जांच अधिकारी और अन्य गवाहों के बयान भी अदालत में दर्ज किए गए।
अदालत में अभियोजन पक्ष रहा मजबूत
मामले की सुनवाई के दौरान अदालत ने पाया कि अभियोजन पक्ष ने सभी आरोपों को मजबूती से साबित किया है। पुलिस द्वारा पेश किए गए सबूत, केस डायरी और गवाहों के बयान एक-दूसरे से मेल खाते पाए गए। इन सभी तथ्यों को ध्यान में रखते हुए स्पेशल कोर्ट ने आरोपी को दोषी करार दिया।
जुर्माना न भरने पर अतिरिक्त सजा का प्रावधान
अदालत ने 10 साल की कठोर कैद के साथ 1,00,000 रुपये का जुर्माना लगाया है। यदि आरोपी जुर्माना अदा नहीं करता है, तो उसे अतिरिक्त सजा भी भुगतनी होगी। इस फैसले को नशीले पदार्थों के खिलाफ सख्त संदेश के रूप में देखा जा रहा है।
