गंगापुर सिटी।
गंगापुर सिटी में 16 दिवसीय गणगौर महोत्सव के तहत धार्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रमों की धूम देखने को मिल रही है। इस अवसर पर महिलाओं ने पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ पूजा-अर्चना कर सुख-समृद्धि की कामना की।
पारंपरिक तरीके से हुआ गणगौर पूजन
इंटरहेडिंग के बाद पूरे क्रम में देखें तो, श्रीजी महिला मंडल द्वारा आयोजित इस महोत्सव में महिलाओं ने ईसर-गणगौर की प्रतिमाएं तैयार कीं और पूरे विधि-विधान से पूजन किया। यह पर्व महिलाओं के लिए विशेष महत्व रखता है और इसे सुहाग एवं खुशहाली का प्रतीक माना जाता है।
बैंड-बाजे के साथ निकली शोभायात्रा
महोत्सव के तहत ईसर-गणगौर का बनोरा भी निकाला गया। यह शोभायात्रा गणेशजी मंदिर से शुरू होकर रूकमणि कॉलोनी से होते हुए श्रीजी मंदिर तक पहुंची। इंटरहेडिंग के बाद पूरे क्रम में समझें तो, बैंड-बाजों के साथ निकली इस यात्रा में महिलाओं ने पारंपरिक गीतों पर नृत्य किया और उत्साहपूर्वक भाग लिया।
सुहाग गीतों से गूंजा माहौल
मंदिर पहुंचने के बाद महिलाओं ने विधि-विधान से गणगौर पूजन संपन्न किया।
इस दौरान 16 सुहाग गीत गाए गए, जिससे पूरा वातावरण भक्तिमय और सांस्कृतिक रंग में रंग गया।
बड़ी संख्या में महिलाएं रहीं मौजूद
इस अवसर पर अंजू जिंदल, सरोज गर्ग, सुनीता गुप्ता, तारा गुप्ता, गीता देवी, निर्मला खारवाल सहित अनेक महिलाएं मौजूद रहीं। महिला मंडल के सदस्यों ने बताया कि यह पर्व समाज में एकता और परंपरा को मजबूत करने का माध्यम भी है।
परंपरा और आस्था का संगम
इंटरहेडिंग के बाद पूरे क्रम में देखें तो, गणगौर महोत्सव न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक है, बल्कि यह राजस्थान की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को भी दर्शाता है।
