गंगापुर सिटी में सुभाष जयंती पर निकला भव्य पथ संचलन, झांकियों और जयघोष से गूंजा शहर

गंगापुर सिटी में सुभाष जयंती पर विद्यार्थियों का पथ संचलन
सुभाष जयंती पर गंगापुर में निकला पथ संचलन

आदर्श विद्या मंदिर के करीब 500 विद्यार्थियों ने दिखाया अनुशासन और राष्ट्रभक्ति, मार्ग में जगह-जगह पुष्पवर्षा कर हुआ स्वागत

Subhash Jayanti Path Sanchalan

गंगापुर सिटी। नेताजी सुभाष चंद्र बोस की जयंती पर शहर में देशभक्ति का अनोखा माहौल दिखा। शुक्रवार को विद्या भारती द्वारा संचालित गुलकंदी देवी उच्च माध्यमिक आदर्श विद्या मंदिर के विद्यार्थियों ने भव्य पथ संचलन निकाला। यह संचलन सुबह 11 बजे शुरू हुआ। इसके साथ ही पूरे शहर में जयघोष गूंजने लगे। पथ संचलन की शुरुआत घोष की धुन के साथ हुई। विद्यार्थियों ने अनुशासन का शानदार प्रदर्शन किया। साथ ही राष्ट्रभक्ति और सांस्कृतिक चेतना का संदेश भी दिया। इसलिए लोगों ने इसे प्रेरणादायक बताया।

नेताजी की सजीव झांकी रही सबसे आगे

संचलन में सबसे आगे नेताजी सुभाष चंद्र बोस की सजीव झांकी चल रही थी। यह झांकी लोगों के आकर्षण का केंद्र बनी। इसके पीछे छात्र-छात्राएं कदमताल करते हुए चल रहे थे। उनके हाथों में तलवार और बंदूक के प्रतीक भी थे। इसके साथ ही वे लगातार जयघोष करते रहे। वहीं भारत माता की झांकी भी विशेष आकर्षण रही। लोगों ने जगह-जगह रुककर झांकियों के दर्शन किए। इसके कारण रास्तों पर भीड़ भी देखने को मिली।

हर चौराहे पर पुष्पवर्षा से स्वागत

मार्ग में नागरिकों ने विद्यार्थियों का जोरदार स्वागत किया। कई स्थानों पर पुष्पवर्षा की गई। इसके अलावा पूर्व छात्र-छात्राएं और अभिभावक भी उत्साह से शामिल रहे। वहीं सामाजिक संगठनों ने भी पथ संचलन का अभिनंदन किया। इसलिए शहर में एकता और उत्सव का माहौल बना रहा। विद्यालय की प्रिंसिपल रश्मि शर्मा ने बताया कि इस आयोजन में करीब 500 विद्यार्थी शामिल हुए। यह संख्या अपने आप में बड़ी मानी गई।

शहर के प्रमुख मार्गों से होकर गुजरा संचलन

पथ संचलन गुलकंदी स्कूल से शुरू हुआ। इसके बाद यह पुरानी चुंगी, पेट्रोल पंप, नगर परिषद, हायर सेकेंडरी स्कूल, रोडवेज बस स्टैंड और कचहरी रोड से गुजरा। फिर यह नेहरू पार्क, चौपड़, चौक वाले बालाजी, कैलाश टॉकीज, मस्जिद और फव्वारा चौक तक पहुंचा। अंत में संचलन वापस स्कूल परिसर में समाप्त हुआ।

नेताजी के विचार अपनाने का संदेश

इस आयोजन ने शहर को राष्ट्रभक्ति से जोड़ दिया। विद्यार्थियों का उत्साह हर किसी को प्रेरित करता दिखा। साथ ही नेताजी के विचारों को आत्मसात करने का संदेश भी दिया गया। इसलिए यह पथ संचलन सुभाष जयंती का यादगार आयोजन बन गया।