Opinion: प्रयोग या जिद? हार के बाद घेरे में गौतम गंभीर

Gautam Gambhir reacting during T20 World Cup match after India defeat
टी-20 वर्ल्ड कप हार के बाद रणनीति को लेकर घेरे में गौतम गंभीर

मैदान से ज्यादा दिमाग की हार

अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में भारतीय बल्लेबाजी लड़खड़ाती दिखी। पिच धीमी थी। गेंद रुककर आ रही थी। ऐसे में तकनीक और धैर्य की जरूरत थी लेकिन भारतीय बल्लेबाज फिंगर स्पिन के सामने असहज नजर आए। ग्रुप स्टेज की जीतों ने इन कमियों को छिपा रखा था। हालांकि बड़े मुकाबले में कमजोरी उजागर हो गई। क्रिकेट केवल कौशल का खेल नहीं है। रणनीति और तैयारी भी उतनी ही अहम होती है। यहीं पर सवाल उठ रहे हैं।

प्लानिंग में अस्पष्टता

टूर्नामेंट से पहले ओपनिंग संयोजन तय नहीं था। लगातार बदलाव हुए। इससे टीम का संतुलन प्रभावित हुआ। शुभमन गिल को बाहर करना और श्रेयस अय्यर को स्क्वॉड में जगह न देना पहले ही बहस का विषय था। अब हार के बाद यह मुद्दा और गंभीर हो गया है।

गलत समय पर प्रयोग?

साउथ अफ्रीका के खिलाफ प्लेइंग इलेवन में बदलाव चौंकाने वाले थे। बड़े टूर्नामेंट में निरंतर प्रयोग जोखिम भरे हो सकते हैं। इतिहास गवाह है कि सफल टीमों ने विश्व कप से पहले ही अपनी मजबूत इकाई तैयार कर ली थी। लेकिन यहां आखिरी समय तक संयोजन स्पष्ट नहीं दिखा। खिलाड़ियों के आत्मविश्वास पर भी इसका असर पड़ सकता है। क्योंकि अनिश्चितता प्रदर्शन को प्रभावित करती है।

आगे की राह

यह हार अंत नहीं है। लेकिन यह चेतावनी जरूर है। टीम इंडिया को स्पष्ट रणनीति बनानी होगी। खिलाड़ियों को भरोसा देना होगा। आलोचना जरूरी है। लेकिन उससे ज्यादा जरूरी सुधार है। अब देखना होगा कि गंभीर और टीम मैनेजमेंट इस झटके से क्या सीख लेते हैं।

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