वर्ल्ड कप हारे तो गौतम गंभीर की छुट्टी तय!

Gautam Gambhir under pressure as India coach
टी20 वर्ल्ड कप 2026 से पहले गौतम गंभीर पर बढ़ता दबाव

पूर्व क्रिकेटर का बड़ा दावा, टी-20 सीरीज़ जीतने से भी नहीं बच पाएंगे टीम इंडिया के हेड कोच

नई दिल्ली। भारतीय क्रिकेट टीम के हेड कोच का पद हमेशा दबाव में रहा है। जब तक टीम जीतती है, तब तक समर्थन मिलता है। लेकिन जैसे ही नतीजे बिगड़ते हैं, सवाल उठने लगते हैं। गैरी कर्स्टन, रवि शास्त्री और राहुल द्रविड़ भी इससे अछूते नहीं रहे। हालांकि, गौतम गंभीर के मामले में स्थिति और ज्यादा चुनौतीपूर्ण नजर आ रही है।

गंभीर के कोचिंग तरीकों पर उठे सवाल

गौतम गंभीर के कोच बनने के बाद टीम इंडिया ने टी20 क्रिकेट में शानदार प्रदर्शन किया है। इसके बावजूद टेस्ट और वनडे फॉर्मैट में नतीजे बेहद निराशाजनक रहे हैं। लगातार खराब प्रदर्शन ने चयन नीति, टीम मैनेजमेंट और कोचिंग अप्रोच पर सवाल खड़े कर दिए हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर तीनों फॉर्मैट को मिलाकर देखा जाए, तो गंभीर का कार्यकाल संतोषजनक नहीं कहा जा सकता।

वर्ल्ड कप नहीं जीते तो फैसला तय

भारत के पूर्व बल्लेबाज मनोज तिवारी ने गंभीर के भविष्य को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने साफ कहा कि अगर भारत टी20 वर्ल्ड कप 2026 जीतने में नाकाम रहता है, तो बीसीसीआई बड़ा फैसला ले सकती है। तिवारी के मुताबिक, भले ही भारत टी20 सीरीज़ जीत रहा हो, लेकिन वर्ल्ड कप जैसे बड़े टूर्नामेंट में नतीजा न आने पर कोच की कुर्सी खतरे में पड़ जाती है।

बीसीसीआई पर बढ़ेगा दबाव

बीसीसीआई पहले ही साफ कर चुकी है कि गंभीर अपने कॉन्ट्रैक्ट की अवधि तक बने रहेंगे। लेकिन वर्ल्ड कप में असफलता की स्थिति में बोर्ड पर दबाव बढ़ना तय है। इतिहास गवाह है कि कोई भी टीम लगातार दो टी20 वर्ल्ड कप नहीं जीत पाई है, जिससे चुनौती और बड़ी हो जाती है।

आईपीएल से बने टीम इंडिया कोच

गौतम गंभीर को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कोचिंग का ज्यादा अनुभव नहीं था। उन्होंने पहले लखनऊ सुपर जायंट्स और फिर कोलकाता नाइट राइडर्स में मेंटर की भूमिका निभाई। IPL 2024 का खिताब जीतने के बाद ही उन्हें भारतीय टीम की कमान सौंपी गई।

टेस्ट और वनडे में खराब रिकॉर्ड

गंभीर के कार्यकाल में भारत को घरेलू टेस्ट में न्यूजीलैंड से क्लीन स्वीप झेलना पड़ा। इसके अलावा दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ 408 रन की ऐतिहासिक हार भी मिली। टेस्ट में उनकी जीत प्रतिशत सिर्फ 36 फीसदी रही है। वनडे क्रिकेट में भी भारत कई द्विपक्षीय सीरीज़ हार चुका है, जिससे आलोचना और तेज हो गई है।

टी20 वर्ल्ड कप बना निर्णायक मोड़

अब सबकी नजर टी20 वर्ल्ड कप 2026 पर है। अगर भारत खिताब जीतता है, तो गंभीर को राहत मिल सकती है। लेकिन हार की स्थिति में बीसीसीआई को सख्त फैसला लेना पड़ सकता है।

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