मेयर के ऐलान के एक हफ्ते बाद भी आदेश जारी नहीं, पुरानी दरों पर टैक्स लागू होने में देरी
राहत के ऐलान के बाद भी नहीं बदली स्थिति
Ghaziabad में हाउस टैक्स को लेकर असमंजस की स्थिति बनी हुई है। महापौर Sunita Dayal द्वारा टैक्स में राहत की घोषणा किए एक सप्ताह बीत चुका है, लेकिन अब तक इसका कोई आधिकारिक सरकारी आदेश जारी नहीं हुआ है। शहर के करीब 5.5 लाख लोग इस फैसले के लिखित रूप में लागू होने का इंतजार कर रहे हैं। फिलहाल लोगों को बढ़े हुए टैक्स से राहत नहीं मिल पाई है।
हाउस टैक्स विवाद की पूरी कहानी
नगर निगम ने 1 अप्रैल 2024 से नए मकानों पर कई गुना हाउस टैक्स लागू किया था। इसके बाद 1 अप्रैल 2025 से यह बढ़ा हुआ टैक्स नए और पुराने सभी मकानों पर लागू कर दिया गया। इस फैसले के खिलाफ शहर में विरोध शुरू हो गया। बढ़ते आक्रोश को देखते हुए 30 जून 2025 को नगर निगम की बैठक बुलाई गई, जिसकी अध्यक्षता महापौर सुनीता दयाल ने की। इस बैठक में सांसद Atul Garg, कैबिनेट मंत्री Sunil Sharma, विधायक Sanjeev Sharma और Ajit Pal Tyagi सहित कई जनप्रतिनिधि मौजूद रहे। बैठक में सर्वसम्मति से टैक्स बढ़ोतरी के प्रस्ताव को निरस्त करने का फैसला लिया गया था।
हाईकोर्ट तक पहुंचा मामला
टैक्स बढ़ोतरी के खिलाफ कुछ लोगों ने हाईकोर्ट का दरवाजा भी खटखटाया। हालांकि अदालत ने याचिका खारिज कर दी, जिसके बाद एक बार फिर लोगों का विरोध शुरू हो गया। हाल ही में हुई बोर्ड बैठक में बढ़े हुए टैक्स को पूरी तरह खत्म नहीं किया गया, लेकिन लोगों को राहत देने के लिए छूट देने का प्रस्ताव रखा गया।
मेयर का बड़ा ऐलान, लेकिन आदेश लंबित
एक सप्ताह पहले महापौर सुनीता दयाल ने घोषणा की थी कि फिलहाल हाउस टैक्स नहीं बढ़ाया जाएगा और पुरानी दरों पर ही टैक्स लिया जाएगा। उन्होंने बताया था कि इस संबंध में लखनऊ में उच्च अधिकारियों के साथ बैठक भी हुई है और जल्द ही सभी औपचारिकताएं पूरी कर ली जाएंगी।
जनता को अब भी इंतजार
घोषणा के बावजूद अभी तक कोई आधिकारिक आदेश जारी नहीं हुआ है। कागजों में बढ़ा हुआ टैक्स अभी भी लागू है, जिससे लोगों में असमंजस और नाराजगी बनी हुई है। अब सभी की नजर इस बात पर टिकी है कि प्रशासन कब इस फैसले को आधिकारिक रूप देगा और लोगों को वास्तविक राहत मिलेगी।
