सोना-चांदी के दाम क्यों छू रहे रिकॉर्ड? ट्रंप टैरिफ, फेड कट और चीन की बड़ी चाल

Gold and silver prices surge amid global economic factors in 2026
2026 की शुरुआत में सोना और चांदी की कीमतों में ऐतिहासिक उछाल

2026 की शुरुआत में मेटल मार्केट में उछाल, निवेशकों को चौंका रही वैश्विक हलचल

2026 की शुरुआत के साथ ही वैश्विक कमोडिटी मार्केट में धातुओं की कीमतों ने निवेशकों को हैरान कर दिया है। सोना, चांदी और तांबा जैसी प्रमुख धातुओं में रिकॉर्ड तेजी देखी जा रही है। इस उछाल के पीछे सिर्फ एक कारण नहीं, बल्कि कई बड़े वैश्विक फैक्टर्स मिलकर काम कर रहे हैं।

सबसे बड़ा कारण अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों में संभावित कटौती की उम्मीद है। दरें घटने की संभावना से डॉलर कमजोर हुआ है, जिससे निवेशक सुरक्षित निवेश के तौर पर सोना और चांदी की ओर तेजी से बढ़े हैं। इसी वजह से गोल्ड लगातार नए ऑल-टाइम हाई पर पहुंच रहा है, जबकि चांदी ने $90 प्रति औंस का ऐतिहासिक स्तर पार कर लिया है।

दूसरा अहम फैक्टर चीन है। चीन ने इस रैली में निर्णायक भूमिका निभाई है। Shanghai Futures Exchange पर मेटल्स का ओपन इंटरेस्ट रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच चुका है। चीनी फंड्स और ट्रेडर्स ने भारी मात्रा में खरीदारी की है, जिससे सप्लाई पर दबाव बढ़ गया। इसके साथ ही इंडोनेशिया से टिन की सप्लाई में कमी, कई कॉपर खदानों का बंद होना और एल्यूमिनियम स्मेल्टर्स पर सरकारी प्रतिबंधों ने बाजार को “सुपर-टाइट सप्लाई” की स्थिति में पहुंचा दिया है।

तीसरा बड़ा कारण अमेरिका में ट्रंप प्रशासन के संभावित टैरिफ हैं। Section 232 के तहत नए टैरिफ की आशंका से ट्रेडर्स ने अमेरिकी पोर्ट्स पर मेटल्स जमा करना शुरू कर दिया है। इससे LME में सप्लाई घटी और बैकवर्डेशन बढ़ा। UBS और Citi जैसी ग्लोबल फर्मों ने गोल्ड के लिए $5,000 और सिल्वर के लिए $100 तक के टारगेट दिए हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि फिलहाल तेजी बनी रह सकती है, हालांकि बीच-बीच में हल्की गिरावट संभव है।

See More :- दिन में मेला, रात में कत्ल: बांदा में सिपाही ने कुल्हाड़ी से मासूम बेटी की हत्या की