बिरला ऑडिटोरियम में 11 से 17 फरवरी तक दिखेगी देशभर की पारंपरिक बुनाई की झलक
जयपुर। राजस्थान की राजधानी में एक बार फिर हथकरघा कला का उत्सव मनाया जाएगा। बुनकर सेवा केंद्र, जयपुर द्वारा “विशेष हथकरघा एक्सपो-त्योहार 2.0” का आयोजन 11 फरवरी 2026 से 17 फरवरी 2026 तक किया जाएगा। यह भव्य आयोजन बिरला ऑडिटोरियम में होगा इस कार्यक्रम का उद्घाटन बुनकर सेवा केंद्र जयपुर की उपनिदेशक श्रीमती रुचि यादव की उपस्थिति में किया गया। मुख्य अतिथि के रूप में राज्य मंत्री कृष्ण कुमार विश्नोई शामिल हुए। वहीं, विशेष अतिथि के रूप में आईएएस अधिकारी सुरेश कुमार ओला उपस्थित रहे।
मुख्य अतिथि ने बढ़ाया बुनकरों का उत्साह
कार्यक्रम के दौरान मंत्री ने प्रत्येक स्टॉल का दौरा किया। उन्होंने बुनकरों और कारीगरों के कार्य की सराहना की। साथ ही, उन्हें आगे बढ़ने के लिए प्रेरित भी किया। उन्होंने कहा कि यह कार्यक्रम देशभर के बुनकरों और शिल्प प्रेमियों के लिए एक बड़ा मंच है। यहाँ लोग पारंपरिक हथकरघा उत्पादों को करीब से देख सकेंगे। इसके अलावा, उन्हें खरीदने का भी अवसर मिलेगा।
एक्सपो में दिखेंगे देशभर के खास उत्पाद
प्रभारी अधिकारी ने बताया कि इस एक्सपो में अलग-अलग राज्यों के बुनकर अपने विशिष्ट हैंडलूम उत्पाद प्रदर्शित करेंगे। एक्सपो का समय प्रतिदिन प्रात: 11:30 बजे से सायं 9:00 बजे तक रहेगा। प्रदर्शित उत्पादों में चंदेरी, माहेश्वरी और जामदानी साड़ियां शामिल होंगी। इसके अलावा, पैठणी और टसर सिल्क साड़ी भी आकर्षण का केंद्र रहेंगी। ऊनी शॉल्स, मंगलगिरी और वेंकटगिरी कॉटन साड़ी भी उपलब्ध रहेंगी। साथ ही, उप्पाडा, बनारसी, कांजीवरम और कोटा डोरिया की विशेष श्रृंखला भी प्रदर्शित की जाएगी। अजरख ब्लॉक प्रिंट और हाथ से कढ़ाई की एप्पलीक कला का लाइव प्रदर्शन भी होगा।
लाइव बुनाई और 14 फरवरी को फैशन शो
एक्सपो के थीम पवेलियन में नमूना लूम भी प्रदर्शित किया गया है। यहाँ आगंतुक हथकरघा पर बुनाई का लाइव प्रदर्शन देख सकेंगे। इसके अतिरिक्त, 14 फरवरी 2026 को शाम 3 बजे से विशेष फैशन शो आयोजित किया जाएगा। इस शो में कारीगरों द्वारा तैयार उत्कृष्ट हैंडलूम साड़ियां और परिधान प्रस्तुत किए जाएंगे। इसमें NIFT जोधपुर, ARCH, IIS, JNU, APEX और PODDAR जयपुर कॉलेज के छात्र सहयोग करेंगे। इस प्रकार, यह आयोजन पारंपरिक कला और आधुनिक फैशन का अनूठा संगम साबित होगा।
