5 बड़ी योजनाओं का लाभ, 6 लाख से ज्यादा किसानों के खातों में सीधे पहुंची रकम
हरियाणा के किसानों के लिए आज का दिन राहत और खुशखबरी लेकर आया है। राज्य सरकार ने एक बड़ा और ऐतिहासिक फैसला लेते हुए 6 लाख से अधिक किसानों के बैंक खातों में सीधे 659 करोड़ रुपये ट्रांसफर कर दिए हैं। यह राशि डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर यानी DBT के जरिए भेजी गई है। इससे न केवल किसानों को तुरंत आर्थिक सहारा मिला है, बल्कि सरकारी योजनाओं में पारदर्शिता भी साफ तौर पर दिखाई दी है। सरकार का यह कदम ऐसे समय में आया है, जब किसान रबी फसलों की तैयारी में जुटे हैं। ऐसे में खातों में पैसा पहुंचते ही किसानों के चेहरों पर रौनक लौट आई है। साथ ही ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलने की उम्मीद है।
पाँच योजनाओं के तहत मिला सीधा लाभ
हरियाणा सरकार ने यह राशि पांच प्रमुख कृषि कल्याणकारी योजनाओं के अंतर्गत जारी की है। इन योजनाओं का मकसद फसल नुकसान की भरपाई करना है। इसके साथ ही आधुनिक खेती को बढ़ावा देना भी सरकार की प्राथमिकता रही है। फसल मुआवजा योजना के तहत प्राकृतिक आपदाओं से प्रभावित किसानों को राहत दी गई है। वहीं कृषि यंत्रीकरण योजना के अंतर्गत पराली प्रबंधन और आधुनिक कृषि उपकरणों पर सब्सिडी दी गई है। इसके अलावा सूक्ष्म सिंचाई अपनाने वाले किसानों को जल संरक्षण के लिए प्रोत्साहन राशि मिली है। प्राकृतिक खेती और मृदा स्वास्थ्य सुधार से जुड़े किसानों को भी सहायता प्रदान की गई है।
पारदर्शिता पर सरकार का जोर
सरकार ने साफ किया है कि पूरी प्रक्रिया डिजिटल और पारदर्शी रही है। ‘मेरी फसल-मेरा ब्यौरा’ पोर्टल पर सत्यापित आंकड़ों के आधार पर ही राशि जारी की गई है। इससे यह सुनिश्चित हुआ कि पैसा सही और पात्र किसान तक बिना किसी देरी के पहुंचे। मुख्यमंत्री ने इस मौके पर कहा कि किसान को उसके हक के लिए दफ्तरों के चक्कर न लगाने पड़ें। इसलिए सरकार ने यह व्यवस्था बनाई है कि मुआवजा और सहायता सीधे खाते में पहुंचे।
तकनीकी समस्या पर भी समाधान
अगर किसी किसान के खाते में राशि नहीं पहुंची है, तो उसके लिए प्रशासन ने हेल्प डेस्क की व्यवस्था की है। जिला और तहसील स्तर पर अधिकारी किसानों की समस्याओं का समाधान करेंगे। सरकार ने निर्देश दिए हैं कि कोई भी पात्र किसान इस लाभ से वंचित न रहे।
ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मिलेगी मजबूती
विशेषज्ञों का मानना है कि एक ही दिन में इतने बड़े पैमाने पर धनराशि का ट्रांसफर ग्रामीण बाजारों में तेजी लाएगा। किसानों की क्रय शक्ति बढ़ेगी। साथ ही खेती से जुड़े छोटे व्यापारियों को भी लाभ मिलेगा।कुल मिलाकर, हरियाणा सरकार का यह फैसला ‘किसान-प्रथम’ नीति का मजबूत उदाहरण बनकर सामने आया है।
