AI Summit 2026 विवाद पर सियासी संग्राम तेज
हिमाचल प्रदेश के राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी ने AI Summit 2026 को लेकर केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि एक निजी विश्वविद्यालय की प्रस्तुति के कारण देश की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर फजीहत हुई।
“चीन के कुत्ते को अपना बताकर पेश किया”
नेगी ने आरोप लगाया कि समिट में चीन से जुड़े मॉडल को भारत का बताकर प्रस्तुत किया गया। उनका कहना था कि इससे देश की छवि को नुकसान पहुंचा। उन्होंने यह भी कहा कि रबर बैंड से तैयार मॉडल पेश कर विश्व गुरु बनने के दावे किए जा रहे हैं। नेगी ने तंज कसते हुए कहा कि दुनिया को गुमराह नहीं किया जा सकता।
केंद्र सरकार पर आर्थिक मुद्दों को लेकर भी वार
राजस्व मंत्री ने कहा कि आज भी करोड़ों लोग मुफ्त राशन पर निर्भर हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि बड़े-बड़े दावों से जनता को भ्रमित किया जा रहा है। नेगी ने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री ने 2025 में हिमाचल के लिए 1500 करोड़ रुपए की घोषणा की थी। लेकिन राज्य को अब तक पूरी राशि नहीं मिली। उन्होंने आपदा राहत और RDG फंड को लेकर भी सवाल उठाए।
“विरोध करना लोकतांत्रिक अधिकार”
युवा कांग्रेस के प्रदर्शन पर नेगी ने कहा कि शांतिपूर्ण विरोध लोकतांत्रिक अधिकार है। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि पहले भी विपक्ष प्रदर्शन करता रहा है।
भाजपा का तीखा पलटवार
भाजपा के मुख्य प्रवक्ता और विधायक Rakesh Jamwal ने मंत्री के बयान को असंयमित बताया। उन्होंने कहा कि भाजपा को ‘हिमाचल विद्रोही’ कहना बौखलाहट दर्शाता है। जमवाल ने आरोप लगाया कि राज्य सरकार वित्त आयोग के समक्ष अपना पक्ष मजबूती से नहीं रख पाई। उन्होंने दावा किया कि केंद्र सरकार लगातार हिमाचल की मदद कर रही है। हाल ही में आपदा राहत के लिए लगभग 286 करोड़ रुपए जारी किए गए हैं।
सियासत बनाम विकास का मुद्दा
AI Summit 2026 को लेकर शुरू हुआ विवाद अब राजनीतिक बयानबाजी में बदल चुका है। एक ओर राज्य सरकार केंद्र पर छवि और फंड को लेकर सवाल उठा रही है। वहीं भाजपा इसे गैरजिम्मेदार बयान बता रही है।आने वाले दिनों में यह मुद्दा और तूल पकड़ सकता है।
