कम बजट में सरकार का बड़ा प्लान
सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने वर्ष 2026-27 का बजट पेश करते हुए कई अहम घोषणाएं कीं। हालांकि इस बार बजट का आकार घटाकर करीब 54 हजार करोड़ रुपये रखा गया। वहीं अनुमानित घाटा 6577 करोड़ रुपये बताया गया। बजट के दौरान सदन में हंगामा भी हुआ, जिसके चलते कार्यवाही कुछ समय के लिए स्थगित करनी पड़ी। इसके बावजूद मुख्यमंत्री ने 4 घंटे से ज्यादा लंबा भाषण देकर सरकार की योजनाओं का खाका पेश किया।
वेतन कटौती का बड़ा फैसला
सरकार ने वित्तीय संतुलन के लिए सख्त कदम उठाए हैं। सबसे पहले मुख्यमंत्री ने अपने वेतन में 50 प्रतिशत कटौती का ऐलान किया। इसके अलावा मंत्रियों के वेतन में 30 प्रतिशत और विधायकों के वेतन में 20 प्रतिशत की कटौती की जाएगी। वहीं आईएएस, आईपीएस और आईएफएस अधिकारियों के वेतन में भी छह महीने के लिए 30 प्रतिशत कटौती लागू होगी। हालांकि ग्रुप C और D कर्मचारियों तथा पेंशनर्स को इस फैसले से राहत दी गई है।
महिलाओं और गरीबों के लिए बड़ी योजनाएं
बजट में महिलाओं को बड़ी राहत दी गई है। इंदिरा गांधी प्यारी बहना योजना के तहत एक लाख महिलाओं को हर महीने 1500 रुपये दिए जाएंगे। इसके साथ ही बीपीएल परिवार की बेटियों के विवाह के लिए 51,000 रुपये की सहायता दी जाएगी। वहीं दिव्यांगजनों की पेंशन बढ़ाकर 3000 रुपये कर दी गई है।
अस्थायी कर्मचारियों और आंगनबाड़ी को राहत
सरकार ने आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं के मानदेय में 1000 रुपये की बढ़ोतरी की है। इसके अलावा मिड-डे मील वर्कर्स को 5500 रुपये मासिक मानदेय दिया जाएगा। वहीं कर्मचारियों को स्टडी लीव के दौरान पूरा वेतन देने का भी ऐलान किया गया है।
युवाओं और रोजगार पर फोकस
युवाओं के लिए सरकार ने कई नई योजनाओं की घोषणा की है। राजीव गांधी स्टार्टअप योजना के तहत 650 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इसके अलावा 50 महिला इंस्पेक्टर और 1000 कांस्टेबल की भर्ती की जाएगी। साथ ही साइबर सुरक्षा को मजबूत करने के लिए “साइबर मित्र” पद भी सृजित किए जाएंगे।
इंफ्रास्ट्रक्चर और नए शहरों की योजना
प्रदेश में तीन नए शहर बसाने की घोषणा की गई है। कांगड़ा में एयरपोर्ट के पास एयरो सिटी विकसित होगी, जबकि बद्दी और मोरनी में नए शहर बसेंगे। इसके अलावा 46 नगर निकायों में बायोगैस संयंत्र स्थापित किए जाएंगे और शहरी विकास के लिए 542 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।
कृषि और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को बढ़ावा
सरकार ने प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के लिए समर्थन मूल्य बढ़ाया है। गेहूं, मक्का और हल्दी के दाम में वृद्धि की गई है। इसके अलावा दूध के दाम में 10 रुपये की बढ़ोतरी और गद्दी समुदाय के लिए 300 करोड़ की योजना घोषित की गई है।
शिक्षा और पर्यटन सेक्टर को मजबूती
शिक्षा विभाग को 9660 करोड़ रुपये का बजट दिया गया है। वहीं डिजिटल पर्यटन इंटेलिजेंस सिस्टम विकसित करने का भी प्रस्ताव रखा गया है। सरकार का दावा है कि इससे पर्यटन को नई दिशा मिलेगी।
हंगामे के बीच पास हुआ बजट
बजट पेश करने के दौरान विपक्ष ने जमकर हंगामा किया। हालांकि बाद में कार्यवाही दोबारा शुरू हुई और बजट को आगे बढ़ाया गया। कुल मिलाकर सरकार ने सीमित संसाधनों के बावजूद जनकल्याण और विकास के बीच संतुलन बनाने की कोशिश की है।
