नीतीश कुमार के चुनावी फॉर्मूले पर हिमंता सरमा, युवाओं को सीधे ₹2 लाख का दांव

Himanta Biswa Sarma Atmanirbhar Assam Scheme
आत्मनिर्भर असम योजना के जरिए युवाओं को साधने की कोशिश

महिला वोट बैंक के बाद अब यूथ कार्ड, असम में आत्मनिर्भर योजना से चुनावी बढ़त की तैयारी

नीतीश कुमार का मॉडल बना चुनावी हथियार

बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार लंबे समय से अपनी चुनावी रणनीतियों के लिए जाने जाते हैं। वर्ष 2005 से सत्ता में रहते हुए उन्होंने कई ऐसी योजनाएं लागू कीं, जिनका सीधा असर वोटिंग पैटर्न पर पड़ा। खासतौर पर महिला केंद्रित योजनाओं ने नीतीश को जबरदस्त राजनीतिक फायदा दिलाया। साल 2025 के विधानसभा चुनाव से ठीक पहले मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना के तहत लाखों महिलाओं के खातों में सीधे ₹10 हजार ट्रांसफर किए गए। इस डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर ने महिला वोटरों को मजबूती से नीतीश के पक्ष में खड़ा कर दिया।

हिमंता बिस्वा सरमा ने अपनाया वही रास्ता

अब असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने भी उसी मॉडल को व्यवहार में उतारना शुरू कर दिया है। फर्क सिर्फ इतना है कि असम में फोकस महिलाओं के बजाय युवाओं पर है। विधानसभा चुनाव से पहले हिमंता सरकार ने ‘मुख्यमंत्री आत्मनिर्भर असम अभियान 2.0’ की शुरुआत कर दी है। इस योजना के तहत लाखों युवाओं को स्वरोजगार के लिए सीधे ₹2 लाख और कुछ मामलों में ₹5 लाख तक की आर्थिक सहायता दी जा रही है।

युवाओं के खाते में डायरेक्ट पैसा

मुख्यमंत्री आत्मनिर्भर असम अभियान के तहत यह राशि सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में ट्रांसफर की जाती है। सरकार का उद्देश्य युवाओं को नौकरी खोजने वाला नहीं, बल्कि नौकरी देने वाला बनाना है। इस योजना में कृषि, डेयरी, मत्स्य पालन, रेडीमेड गारमेंट्स, पैकेजिंग, हार्डवेयर और सेवा क्षेत्र जैसे कई सेक्टर शामिल किए गए हैं। इससे ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में रोजगार के अवसर बढ़ने की उम्मीद है।

पात्रता शर्तें तय, लक्ष्य साफ

इस योजना का लाभ केवल असम के स्थायी निवासियों को मिलेगा। आवेदक की उम्र 28 से 45 वर्ष के बीच होनी चाहिए। न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता सामान्य वर्ग के लिए 10वीं पास और आरक्षित वर्गों के लिए कक्षा 10 तक तय की गई है। इसके साथ ही बैंक खाता, रोजगार एक्सचेंज में रजिस्ट्रेशन और पहले किसी बैंक लोन में डिफॉल्ट न होना अनिवार्य है।

नीतीश की तरह चुनावी बढ़त की तैयारी

असम में इसी साल विधानसभा चुनाव प्रस्तावित हैं। चुनाव से पहले युवाओं को सीधे आर्थिक सहायता देना साफ संकेत देता है कि हिमंता बिस्वा सरमा भी नीतीश कुमार की तरह योजनाओं को चुनावी हथियार बना रहे हैं। बिहार में महिलाओं ने जिस तरह नीतीश को समर्थन दिया, उसी तर्ज पर असम में युवा वर्ग को साधने की कोशिश की जा रही है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि यह दांव चुनावी समीकरण बदल सकता है।

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