किसानों के नुकसान के आरोपों पर केंद्रीय मंत्री का पलटवार, बोले– हित पूरी तरह सुरक्षित
नई दिल्ली। भारत और अमेरिका के बीच नई ट्रेड डील को लेकर राजनीतिक बहस तेज है। हालांकि केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री Piyush Goyal ने विपक्ष के आरोपों को सिरे से खारिज किया है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पूरी जानकारी साझा की। उन्होंने साफ कहा कि यह समझौता किसानों, डेयरी उत्पादकों और ग्रामीण रोजगार के खिलाफ नहीं है। बल्कि सरकार ने हर कदम सोच-समझकर उठाया है।
सोया मील और मक्का पर क्या है सच्चाई
विपक्ष ने आरोप लगाया कि सोया मील और मक्का पर छूट देकर किसानों को नुकसान पहुंचाया जा रहा है। हालांकि मंत्री ने स्पष्ट किया कि इन दोनों उत्पादों पर कोई रियायत नहीं दी गई है। इसलिए किसानों के हित पूरी तरह सुरक्षित हैं।
सेब आयात को लेकर भ्रम
आरोप था कि सेब का असीमित आयात होगा। लेकिन सरकार के मुताबिक भारत पहले से हर साल करीब 5.5 लाख टन सेब आयात करता है। नई डील में सिर्फ सीमित कोटा दिया गया है। न्यूनतम आयात मूल्य 80 रुपये प्रति किलो तय किया गया है। साथ ही 25 रुपये ड्यूटी लगेगी। यानी कुल लागत 105 रुपये प्रति किलो होगी। जबकि अभी लैंडेड कॉस्ट करीब 75 रुपये है। इसलिए आयात महंगा होगा। इससे भारतीय किसानों को फायदा मिल सकता है।
अखरोट और डेयरी पर स्थिति साफ
अखरोट के मामले में भी सरकार ने सीमित 13,000 मीट्रिक टन का कोटा तय किया है। जबकि भारत पहले से 60,000 टन आयात करता है। इसलिए बड़ा असर होने की संभावना नहीं है। डेयरी सेक्टर को लेकर भी भ्रम फैलाया गया। सरकार ने साफ किया कि चीज, मक्खन, घी, दही, पनीर जैसे उत्पादों पर अमेरिका को कोई बाजार पहुंच नहीं दी गई है। यानी भारतीय डेयरी किसानों के हित सुरक्षित हैं।
कांग्रेस काल बनाम वर्तमान
मंत्री ने यह भी कहा कि कांग्रेस सरकार के समय हर साल करीब 20 बिलियन डॉलर के कृषि उत्पाद आयात होते थे। इसलिए आयात कोई नई बात नहीं है। उन्होंने दावा किया कि प्रधानमंत्री Narendra Modi की सरकार ने आत्मनिर्भर भारत जैसे कदम उठाकर किसानों को मजबूत किया है।
भारत को क्या मिलेगा फायदा
इस डील से अमेरिका ने कई भारतीय उत्पादों पर टैरिफ घटाकर 18 प्रतिशत कर दिया है। पहले कुछ मामलों में यह 50 प्रतिशत तक था। इससे भारतीय निर्यातकों को फायदा होगा। कम टैरिफ का मतलब है कि भारतीय सामान अमेरिकी बाजार में सस्ता बिकेगा। इससे निर्यात बढ़ेगा। और व्यापारियों को नई संभावनाएं मिलेंगी।
