सांसद को ‘पीटने’ वाले IPS सुनील नायक पर घमासान

IPS सुनील नायक को लेकर पटना में आंध्र पुलिस की कार्रवाई पर विवाद
पटना में ट्रांजिट रिमांड खारिज होने के बाद IPS सुनील नायक को राहत

बिना वारंट ट्रांजिट रिमांड खारिज, जगन–नायडू की सियासी लड़ाई में फंसे बिहार कैडर के अफसर

पटना में 23 फरवरी को एक हैरान करने वाली घटना सामने आई। आंध्र प्रदेश पुलिस की टीम बिहार कैडर के IPS अधिकारी M. Sunil Kumar Nayak के सरकारी आवास पर पहुंची। आरोप है कि टीम बिना वारंट दीवार फांदकर अंदर घुसी और उन्हें गिरफ्तार करने की कोशिश की। मामला तुरंत कोर्ट पहुंचा। ACJM कोर्ट ने वारंट की मांग की। आंध्र पुलिस दस्तावेज पेश नहीं कर सकी। इसके बाद ट्रांजिट रिमांड की अर्जी खारिज कर दी गई। साथ ही, 30 दिन तक किसी भी तरह की कार्रवाई पर रोक लगा दी गई।


कौन हैं IPS सुनील नायक?

एम. सुनील कुमार नायक 2005 बैच के बिहार कैडर के IPS अधिकारी हैं। फिलहाल वे बिहार होमगार्ड और फायर सर्विसेज में IG पद पर तैनात हैं। वे 2020 से 2023 तक आंध्र प्रदेश में डेपुटेशन पर रहे। उस दौरान उन्हें CID में DIG बनाया गया था। उन्हें तत्कालीन मुख्यमंत्री Y. S. Jagan Mohan Reddy का करीबी माना जाता है।


क्या है सांसद पिटाई का आरोप?

मामला आंध्र प्रदेश के पूर्व सांसद K. Raghu Rama Krishna Raju से जुड़ा है। मई 2021 में उन्हें राजद्रोह समेत कई धाराओं में गिरफ्तार किया गया था। आरोप है कि हिरासत के दौरान उनके साथ मारपीट की गई। सुप्रीम कोर्ट ने जमानत देते हुए प्रारंभिक तौर पर यातना के संकेतों का जिक्र किया था। जून 2024 में सत्ता परिवर्तन के बाद, नई सरकार ने इसी मामले में पूर्व CM जगन और CID अधिकारियों पर हत्या के प्रयास का केस दर्ज किया। नायक को आरोपी नंबर-7 बनाया गया।


क्या है राजनीति का एंगल?

आंध्र प्रदेश में जून 2024 में N. Chandrababu Naidu की अगुवाई में सरकार बनी। उनकी पार्टी Telugu Desam Party (TDP) ने सत्ता संभालते ही जगन सरकार के दौरान काम करने वाले कई अफसरों पर कार्रवाई शुरू की। जगन की पार्टी YSRCP इसे राजनीतिक बदले की कार्रवाई बता रही है। वहीं, नायडू सरकार का दावा है कि यह कानूनी प्रक्रिया है और सत्ता के दुरुपयोग की जांच हो रही है। नायक की गिरफ्तारी की कोशिश भी इसी राजनीतिक संघर्ष की कड़ी मानी जा रही है।


बिहार सरकार क्या करेगी?

राजनीतिक समीकरण दिलचस्प हैं। बिहार और आंध्र प्रदेश, दोनों जगह NDA गठबंधन की सरकार है। ऐसे में बिहार सरकार के खुलकर हस्तक्षेप की संभावना कम मानी जा रही है। सूत्रों के मुताबिक, बिहार पुलिस ने औपचारिक सहयोग दिया, लेकिन कोर्ट से राहत मिल जाने के बाद आंध्र पुलिस को लौटना पड़ा। फिलहाल नायक को अस्थायी राहत मिली है। आगे की कानूनी लड़ाई कोर्ट में ही तय होगी।

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