जबलपुर हिट एंड रन हादसा: मजदूरों को रौंदने वाली कार का कहर, 5 की मौत से मचा हड़कंप

Jabalpur hit and run accident site
जबलपुर में हिट एंड रन हादसे के बाद अस्पताल में भर्ती घायल मजदूर

तेज रफ्तार सफेद कार ने 13 मजदूरों को कुचला, CCTV खंगाल रही पुलिस, आरोपी फरार

सड़क किनारे बैठी मजदूरों पर टूटा मौत का कहर

मध्य प्रदेश के जबलपुर में रविवार को एक दर्दनाक हिट एंड रन हादसा हुआ। इस घटना ने पूरे इलाके को दहला दिया। तेज रफ्तार सफेद कार ने सड़क किनारे बैठे 13 मजदूरों को कुचल दिया। शुरुआत में 2 महिलाओं की मौके पर ही मौत हो गई थी। बाद में इलाज के दौरान तीन और मजदूरों ने दम तोड़ दिया। इसके बाद मृतकों की संख्या बढ़कर 5 हो गई।

इलाज के दौरान गई तीन और जानें

रविवार देर रात गोमता बाई, वर्षा कुशराम और कृष्णा बाई की हालत बिगड़ गई। तीनों ने मेडिकल कॉलेज अस्पताल में इलाज के दौरान अंतिम सांस ली। इससे पहले हादसे में चैनवती बाई और लच्छो बाई की मौके पर ही मौत हो चुकी थी। सभी मृतक महिला मजदूर मंडला जिले के बम्होरी गांव की रहने वाली थीं।

सड़क किनारे खाना खा रही थीं महिलाएं

जानकारी के अनुसार सभी मजदूर पिछले डेढ़ महीने से एनएचएआई के तहत काम कर रही थीं। वे जबलपुर के एकता चौक के पास डिवाइडर में लगी लोहे की जालियों की सफाई कर रही थीं। हादसे के समय सभी महिलाएं सड़क किनारे बैठकर भोजन कर रही थीं। तभी बरेला से जबलपुर की ओर आ रही तेज रफ्तार कार ने उन्हें टक्कर मार दी।

बिना नंबर की कार लेकर फरार हुआ आरोपी

हादसे के बाद कार चालक मौके से फरार हो गया। शुरुआती जांच में सामने आया है कि कार पर कोई नंबर प्लेट नहीं थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच क्राइम ब्रांच को सौंप दी गई है। एएसपी जितेंद्र सिंह के नेतृत्व में विशेष टीम गठित की गई है।

CCTV फुटेज खंगाल रही पुलिस

पुलिस घटनास्थल से लेकर आसपास के टोल नाकों तक के CCTV फुटेज खंगाल रही है। आरोपी की पहचान और गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दी जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही आरोपी को पकड़ लिया जाएगा।

घायलों का इलाज जारी

हादसे में घायल 11 मजदूरों में से 3 की हालत अभी भी गंभीर बनी हुई है। सभी घायलों का इलाज जबलपुर मेडिकल कॉलेज अस्पताल में चल रहा है। डॉक्टरों की टीम लगातार निगरानी कर रही है।

आर्थिक सहायता और प्रशासन की कार्रवाई

एनएचएआई ने मृतकों के परिजनों को 2-2 लाख रुपए की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है। वहीं लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह ने हादसे पर दुख जताया और पीड़ित परिवारों को हर संभव मदद का भरोसा दिया है। यह हादसा तेज रफ्तार और लापरवाही से वाहन चलाने के खतरनाक परिणामों की एक और चेतावनी है।

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