रनवे छूते ही पायलट ने लिया गो-अराउंड का फैसला, फ्लाइट में कांग्रेस प्रदेश प्रभारी भी थे सवार
जयपुर: जयपुर इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर बुधवार दोपहर एक बड़ा विमान हादसा टल गया। दिल्ली से जयपुर आ रही एअर इंडिया की फ्लाइट AI-1719 की लैंडिंग के दौरान यात्रियों में उस वक्त दहशत फैल गई, जब विमान रनवे को छूते ही दोबारा हवा में उठा लिया गया। दोपहर करीब 1:05 बजे फ्लाइट ने लैंडिंग का प्रयास किया था, लेकिन अंतिम क्षणों में पायलट ने स्थिति को भांपते हुए ‘गो-अराउंड’ का निर्णय लिया। इस अप्रत्याशित घटना के बाद विमान में सवार यात्रियों की धड़कनें तेज हो गईं।
Air India Flight Go Around से मची अफरा-तफरी
सूत्रों के मुताबिक, लैंडिंग के दौरान विमान की अप्रोच स्थिर नहीं थी। सुरक्षा मानकों को ध्यान में रखते हुए पायलट ने तुरंत विमान को ऊपर उठाने का फैसला किया। इसके बाद फ्लाइट ने एयरपोर्ट के ऊपर कुछ समय तक चक्कर लगाए। हालात सामान्य होने पर करीब 10 मिनट बाद दोबारा लैंडिंग का प्रयास किया गया। दूसरे प्रयास में विमान को सुरक्षित रूप से रनवे पर उतार लिया गया। सुरक्षित लैंडिंग के बाद यात्रियों ने राहत की सांस ली।
कांग्रेस प्रदेश प्रभारी भी थे विमान में सवार
इस फ्लाइट में कांग्रेस के प्रदेश प्रभारी सुखजिंदर सिंह रंधावा भी सवार थे। घटना के दौरान कुछ देर के लिए विमान के भीतर तनावपूर्ण माहौल बना रहा। हालांकि किसी भी यात्री को नुकसान नहीं पहुंचा। एयरपोर्ट अधिकारियों के अनुसार, यह पूरी प्रक्रिया अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा मानकों के तहत आती है। यदि पायलट को किसी भी स्तर पर लैंडिंग सुरक्षित नहीं लगती, तो गो-अराउंड लेना अनिवार्य होता है। जयपुर एयरपोर्ट पर इससे पहले भी ऐसी तकनीकी स्थितियों में लैंडिंग रद्द की जा चुकी है।
Aviation Safety को लेकर बढ़ी चिंता
हाल के दिनों में विमानन सुरक्षा को लेकर लगातार सवाल उठ रहे हैं। जयपुर की इस घटना के कुछ ही घंटे पहले महाराष्ट्र में एक गंभीर विमान हादसे की खबर सामने आई। जानकारी के अनुसार, महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम अजित पवार का चार्टर्ड विमान बारामती एयरपोर्ट पर लैंडिंग के दौरान दुर्घटनाग्रस्त हो गया। हादसे में पायलट, सुरक्षाकर्मी और क्रू मेंबर समेत कई लोगों की जान जाने की सूचना है। बताया गया कि रनवे स्पष्ट न दिखने के कारण विमान को दोबारा ऊंचाई पर ले जाने की कोशिश की गई थी, लेकिन संतुलन बिगड़ गया।
यात्रियों की सुरक्षा सर्वोपरि
जयपुर एयरपोर्ट की घटना ने यह साफ कर दिया कि सतर्कता और समय पर लिया गया फैसला कई जिंदगियां बचा सकता है। विशेषज्ञों का मानना है कि गो-अराउंड प्रक्रिया किसी खतरे का संकेत नहीं, बल्कि सुरक्षा का प्रमाण होती है। फिलहाल एअर इंडिया और एयरपोर्ट अथॉरिटी ने इस मामले की आंतरिक समीक्षा शुरू कर दी है।
