जम्मू में सात वर्षीय बच्ची से दुष्कर्म: दोषी मौलवी को 9 वर्ष की कठोर कैद

जम्मू कोर्ट भवन और अंबफला जेल का प्रतीकात्मक दृश्य
जम्मू की फास्ट ट्रैक कोर्ट ने दुष्कर्म मामले में दोषी को 9 वर्ष की कठोर कैद सुनाई।

फास्ट ट्रैक कोर्ट का सख्त फैसला, 50 हजार रुपये जुर्माना भी लगाया

जम्मू में सात वर्षीय बच्ची से दुष्कर्म के मामले में अदालत ने सख्त रुख अपनाया है। फास्ट ट्रैक कोर्ट ने दोषी मौलवी को नौ वर्ष की कठोर कारावास की सजा सुनाई। साथ ही 50 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया। अदालत ने इस अपराध को जघन्य बताया। कोर्ट ने कहा कि ऐसे मामलों में कड़ी सजा जरूरी है। जुर्माने की राशि में से 25 हजार रुपये पीड़िता को मुआवजे के रूप में देने के निर्देश दिए गए। शेष 25 हजार रुपये सरकारी खजाने में जमा होंगे। यदि जुर्माना अदा नहीं किया गया, तो दोषी को छह महीने की अतिरिक्त कैद भुगतनी होगी। सजा सुनाने के बाद अदालत ने आरोपी को अंबफला जेल भेज दिया।

2018 में दर्ज हुआ था मामला

मामला 12 मार्च 2018 का है। नगरोटा थाना क्षेत्र में आरोपी मौलवी बच्चों को धार्मिक शिक्षा देता था। आरोप है कि उसने अन्य बच्चों को घर भेज दिया। लेकिन सात वर्षीय बच्ची को रोक लिया। फिर उसे कमरे में ले जाकर दुष्कर्म किया। बच्ची जब घर पहुंची तो उसने दर्द की शिकायत की। इसके बाद मां को पूरी बात बताई। मां बच्ची को लेकर थाने पहुंची। फिर पुलिस में मामला दर्ज कराया गया। जांच के बाद मामला अदालत पहुंचा। सुनवाई के दौरान अदालत ने सबूतों और गवाहों के आधार पर आरोपी को दोषी पाया। अदालत ने कहा कि यह अपराध समाज के लिए गंभीर खतरा है।
इसलिए सख्त सजा जरूरी है। फैसले के बाद पीड़ित परिवार ने राहत की सांस ली।

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