सावधान! जीएमसी जम्मू में 75% पानी के सैंपल फेल

Water sample testing at Government Medical College Jammu laboratory
जीएमसी जम्मू की लैब में जांच के दौरान पानी के सैंपल

ई-कोलाई की पुष्टि के बाद बढ़ी चिंता, जलजनित रोगों का खतरा गहराया

जम्मू संभाग में पीने के पानी की गुणवत्ता को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। Government Medical College Jammu में जांच के लिए आने वाले 75 प्रतिशत पानी के सैंपल फेल पाए गए हैं। इन सैंपलों में खतरनाक ई-कोलाई जीवाणु की मौजूदगी दर्ज की गई है। माइक्रोबायोलॉजी विभाग की लैब में हर महीने स्कूलों, होटलों, सीमावर्ती क्षेत्रों और पीएचई विभाग सहित विभिन्न स्थानों से सैंपल आते हैं। लेकिन जांच के बाद अधिकतर सैंपल असंतोषजनक पाए जा रहे हैं।

606 में से 399 सैंपल फेल

जनवरी 2025 से 8 फरवरी 2026 तक कुल 606 सैंपल जांच के लिए आए। इनमें से केवल 207 सैंपल संतोषजनक पाए गए। जबकि 399 सैंपल असंतोषजनक रहे। सितंबर 2025 में सबसे अधिक 126 सैंपल आए। इनमें से 89 पीने योग्य नहीं थे। वर्ष 2026 में अब तक 114 सैंपल की जांच हुई, जिनमें से 57 फेल पाए गए।

क्या है ई-कोलाई?

ई-कोलाई एक जीवाणु है जो आमतौर पर मानव आंत में पाया जाता है। पानी में इसकी मौजूदगी का अर्थ है कि पानी मल या पशु अपशिष्ट से दूषित है। यह दस्त, बुखार, मतली और अन्य जलजनित रोगों का कारण बन सकता है।

बढ़ रहे हैं जलजनित रोग

Jammu and Kashmir में हर वर्ष जलजनित रोगों के एक लाख से अधिक मामले दर्ज हो रहे हैं। वर्ष 2023 में 1,02,236 मामले सामने आए। वर्ष 2024 में यह संख्या बढ़कर 1,30,100 हो गई। वर्ष 2025 में भी एक लाख तीस हजार से अधिक मामले दर्ज हुए। इन वर्षों में 25 लोगों की मौत भी दर्ज की गई। डायरिया, पीलिया, हेपाटाइटिस और टायफायड के मामले सबसे अधिक सामने आ रहे हैं।

दूषित पानी के कारण

विशेषज्ञों के अनुसार कई क्षेत्रों में पुरानी पाइपलाइन बदली नहीं गई है। ये पाइप नालियों के बीच से गुजरती हैं। इसके अलावा औद्योगिक कचरा, कृषि में रसायनों का इस्तेमाल और अवैध निर्माण भी पानी प्रदूषण के कारण हैं। डॉ. संदीप डोगरा, विभागाध्यक्ष माइक्रोबायोलॉजी, जीएमसी जम्मू का कहना है कि ई-कोलाई मिलने का मतलब पानी पीने योग्य नहीं है। क्लोरीन मिलाकर इसे शुद्ध किया जा सकता है। लेकिन इससे यह भी संकेत मिलता है कि सप्लाई के दौरान कहीं पानी दूषित हो रहा है।

लोगों के लिए सलाह

विशेषज्ञों ने लोगों को सलाह दी है कि पानी उबालकर पिएं। जरूरत पड़े तो पानी की लैब में जांच करवाएं। स्वच्छ पानी ही बीमारियों से बचाव का सबसे बड़ा उपाय है।

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