झारखंड निकाय चुनाव में सख्त व्यवस्था, हर बूथ पर 5 अधिकारियों की तैनाती

झारखंड निकाय चुनाव में बूथ पर तैनात मतदान अधिकारी और मतदाता की पहचान प्रक्रिया
झारखंड निकाय चुनाव में प्रत्येक बूथ पर पीठासीन पदाधिकारी समेत चार मतदान अधिकारी तैनात रहेंगे।

पीठासीन पदाधिकारी की निगरानी में चार मतदान अधिकारी संभालेंगे अलग-अलग जिम्मेदारी

रांची में होने वाले झारखंड निकाय चुनाव को लेकर तैयारियां तेज हो गई हैं। झारखंड राज्य निर्वाचन आयोग ने मतदान प्रक्रिया को पारदर्शी और सुचारू बनाने के लिए विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए हैं। हर बूथ पर एक पीठासीन पदाधिकारी के अलावा चार मतदान अधिकारी तैनात रहेंगे। सभी अधिकारियों की जिम्मेदारियां स्पष्ट रूप से तय कर दी गई हैं।

प्रथम मतदान अधिकारी की जिम्मेदारी

जैसे ही मतदाता बूथ के अंदर प्रवेश करेगा, उसे सबसे पहले प्रथम मतदान अधिकारी के पास जाना होगा। यह अधिकारी मतदाता सूची की चिह्नित प्रति का प्रभारी होगा। वह मतदाता की पहचान सुनिश्चित करेगा। यदि किसी मतदाता की उंगली पर पहले से अमिट स्याही लगी पाई जाती है, तो उसे मतदान की अनुमति नहीं दी जाएगी। यदि स्याही मिटाने का प्रयास किया गया हो, तब भी वोट देने से रोका जाएगा।

द्वितीय अधिकारी लगाएगा अमिट स्याही

पहचान सत्यापित होने के बाद मतदाता द्वितीय मतदान अधिकारी के पास जाएगा। यह अधिकारी बाएं हाथ की तर्जनी की जांच करेगा। फिर नाखून के मूल के ऊपर अमिट स्याही का स्पष्ट निशान लगाएगा। स्याही के सूखने तक प्रतीक्षा भी कराई जाएगी। यदि कोई मतदाता स्याही हटाने की कोशिश करेगा, तो उसे मतदान से रोका जाएगा।

तृतीय अधिकारी देगा वार्ड पार्षद का मतपत्र

इसके बाद मतदाता तृतीय मतदान अधिकारी के पास पहुंचेगा। यह अधिकारी वार्ड पार्षद चुनाव के बैलेट पेपर का प्रभारी होगा। वह मतदाता का हस्ताक्षर या अंगूठे का निशान लेगा। साथ ही मतदाता क्रमांक अंकित करेगा। फिर उसे गुलाबी पर्ची के साथ चतुर्थ अधिकारी के पास भेजा जाएगा।

चतुर्थ अधिकारी देगा महापौर/अध्यक्ष का मतपत्र

चतुर्थ मतदान अधिकारी महापौर या अध्यक्ष पद के लिए बैलेट पेपर उपलब्ध कराएगा। वह भी मतदाता का हस्ताक्षर या अंगूठे का निशान दर्ज करेगा। इसके बाद मतदाता को वोटिंग कंपार्टमेंट में जाकर मतदान करने का निर्देश दिया जाएगा।

पीठासीन पदाधिकारी की होगी निगरानी

पूरी प्रक्रिया की निगरानी पीठासीन पदाधिकारी करेगा। वह मतदान केंद्र का समग्र प्रभारी होगा। इस बार आयोग ने स्पष्ट किया है कि किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सख्त निगरानी और निर्धारित प्रक्रिया के जरिए निष्पक्ष मतदान सुनिश्चित करने की तैयारी है। निकाय चुनाव को लेकर प्रशासन पूरी तरह सतर्क है। मतदाताओं से भी अपील की गई है कि वे नियमों का पालन करते हुए अपने मताधिकार का प्रयोग करें।

Read More :- बेटे की चाह में पत्नी की हत्या, गला रेतकर थाने पहुंचा पति