पारंपरिक मर्यादाओं की रक्षा के नाम पर पंचायत का सख्त संदेश, लव मैरिज और सामाजिक अनुशासन पर भी लिया गया अहम निर्णय
ग्रामीण समाज में विवाह व्यवस्था, पारिवारिक सहमति और सामाजिक मर्यादाओं को लेकर सर्वजातीय अठगामा खाप ने साफ और दोटूक संदेश दिया है। गोठड़ा और महराणा गांव में आयोजित खाप पंचायत में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि एक ही गांव, एक ही गोत्र और गुहांड में होने वाले विवाहों को खाप की कोई मान्यता नहीं दी जाएगी। पंचायत का मानना है कि ऐसे विवाह सामाजिक संतुलन और पारंपरिक पारिवारिक ढांचे को कमजोर करते हैं। खाप पंचायत में यह भी स्पष्ट किया गया कि प्रेम विवाह या प्रेम संबंधों के मामलों में माता-पिता की सहमति अनिवार्य होगी। पारिवारिक सहमति के बिना किए गए किसी भी विवाह को सामाजिक स्वीकृति नहीं दी जाएगी। खाप पदाधिकारियों ने कहा कि यह फैसला समाज में बढ़ते टकराव और पारिवारिक विवादों को रोकने के उद्देश्य से लिया गया है। पंचायत में मौजूद पदाधिकारियों ने बताया कि इन निर्णयों को लेकर प्रशासनिक अधिकारियों से भी संवाद किया जाएगा, ताकि सामाजिक नियमों को लेकर आपसी समझ और समन्वय बना रहे।
नशा और अनुशासन पर जताई सामूहिक चिंता
खाप संरक्षक धर्मपाल महराणा की अध्यक्षता में हुई इस पंचायत में सामाजिक कुरीतियों पर भी गंभीर चर्चा हुई। युवाओं में बढ़ते नशे को समाज के लिए बड़ा खतरा बताते हुए नशा बेचने वालों की सूचना सीधे पुलिस प्रशासन को देने का फैसला लिया गया। पंचायत का कहना था कि नशे के कारण युवा पीढ़ी गलत रास्ते पर जा रही है, जिसे रोकना बेहद जरूरी है। इसके साथ ही गांवों में डीजे और तेज आवाज में साउंड सिस्टम बजाने पर रोक लगाने पर भी सहमति बनी, ताकि गांवों में शांति, अनुशासन और सामाजिक सौहार्द बना रहे।
शिक्षा और खेल को बताया बदलाव का आधार
पंचायत में यह भी तय किया गया कि गांवों के सरकारी स्कूलों में विद्यार्थियों की संख्या बढ़ाने के लिए जागरूकता अभियान चलाया जाएगा। बच्चों और युवाओं को खेलकूद और रचनात्मक गतिविधियों से जोड़ने पर विशेष जोर दिया गया। खाप का मानना है कि शिक्षा और खेल ही समाज को सकारात्मक दिशा में आगे ले जा सकते हैं। इस पंचायत में खाप उपप्रधान कुलदीप गोठड़ा, सरपंच भूपेन्द्र खेड़ी, सचिव करतार सिंह सहित बड़ी संख्या में पदाधिकारी और ग्रामीण मौजूद रहे।
