विधानसभा में सीएम का स्पष्ट बयान
Mohan Yadav ने विधानसभा में स्पष्ट किया कि मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना की राशि बढ़ाकर 3000 रुपये करने का वादा भाजपा के संकल्प पत्र में किया गया है। यह वादा पांच वर्षों, यानी 2028 तक के लिए है। उन्होंने कहा कि किसी को चिंता करने की आवश्यकता नहीं है। सरकार तीन हजार रुपये देकर रहेगी। फिलहाल योजना के तहत महिलाओं को 1500 रुपये प्रतिमाह दिए जा रहे हैं।
नए पंजीयन पर क्या कहा गया
महिला एवं बाल विकास मंत्री Nirmala Bhuria ने जानकारी दी कि योजना शुरू होने से अब तक 1,31,06,525 महिलाओं का पंजीयन किया गया है। वर्तमान में 1,25,29,051 पंजीयन सक्रिय हैं। हालांकि, नए पंजीयन का कोई प्रस्ताव फिलहाल विचाराधीन नहीं है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि 60 वर्ष से अधिक आयु होने या मृत्यु की स्थिति में हितग्राही को योजना से बाहर किया जाता है। 60 वर्ष से अधिक आयु वाली महिलाओं को अन्य योजनाओं में पात्रता के अनुसार आवेदन का विकल्प दिया जाता है।
विपक्ष ने उठाए सवाल
प्रश्नकाल के दौरान कांग्रेस विधायक Mahesh Parmar ने तीन हजार रुपये की घोषणा के बावजूद राशि न बढ़ाने और नए पंजीयन न शुरू करने पर सवाल उठाए। नेता प्रतिपक्ष Umang Singhar ने भी पंजीयन की तिथि पूछी। इसके साथ ही कुछ मंत्रियों के बयानों को लेकर भी सदन में तीखी बहस हुई। जवाब से असंतुष्ट कांग्रेस विधायकों ने नारेबाजी करते हुए बहिर्गमन किया।
अब तक कितना हुआ व्यय
वित्तीय वर्ष 2025-26 में 1500 रुपये प्रतिमाह के हिसाब से लाड़ली बहनों को 18,528 करोड़ रुपये वितरित किए जा चुके हैं। योजना की शुरुआत 1000 रुपये प्रतिमाह से हुई थी। इसके बाद राशि में वृद्धि की गई। सरकार का कहना है कि महिलाएं इस राशि का उपयोग शिक्षा, पोषण और अन्य आवश्यकताओं के लिए कर रही हैं। फिलहाल, 3000 रुपये की वृद्धि कब लागू होगी, इस पर कोई निश्चित तिथि घोषित नहीं की गई है। हालांकि, मुख्यमंत्री ने दोहराया कि संकल्प पत्र का वादा पूरा किया जाएगा।
