नंगे पैर स्कूल से Chanel की CEO तक: कोल्हापुर की बेटी ने रचा इतिहास

लिना नायर, चैनल की ग्लोबल सीईओ, कॉर्पोरेट इवेंट में संबोधित करते हुए
कोल्हापुर से ग्लोबल लग्जरी ब्रांड की कमान तक लिना नायर का सफर

साधारण परिवार से असाधारण उड़ान

महाराष्ट्र के कोल्हापुर में एक साधारण हिंदू मलयाली परिवार में पली-बढ़ीं Leena Nair की शुरुआत बेहद सामान्य थी। वह बचपन में नंगे पैर साइकिल से स्कूल जाती थीं। परिवार में परंपराएं थीं, लेकिन शिक्षा को सबसे ऊपर रखा गया। उन्होंने होली क्रॉस कॉन्वेंट स्कूल से पढ़ाई की। आगे चलकर वह परिवार की पहली लड़की बनीं जिसने उच्च शिक्षा हासिल की। जिद और जुनून के दम पर उन्होंने वालचंद कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग से इलेक्ट्रॉनिक्स एंड टेलीकम्युनिकेशन में ग्रेजुएशन किया। इसके बाद उन्होंने XLRI – Xavier School of Management, जमशेदपुर से एमबीए किया और गोल्ड मेडल जीता। यहीं से उनके सपनों को पंख लगे।

यूनिलीवर से शुरू हुआ कॉरपोरेट सफर

1992 में उन्होंने Hindustan Unilever में समर इंटर्न के तौर पर कदम रखा। फिर मैनेजमेंट ट्रेनी बनीं। शुरुआत फैक्टरी शॉप फ्लोर से हुई। वह कंपनी की पहली महिला थीं जिन्होंने नाइट शिफ्ट में काम किया। उन्होंने कोलकाता, तमिलनाडु और महाराष्ट्र की यूनिट्स में काम कर अनुभव जुटाया। धीरे-धीरे वह एचआर मैनेजर बनीं। फिर 2007 में एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर एचआर बनीं। इसके बाद 2016 में वह Unilever की पहली महिला और पहली एशियन ग्लोबल चीफ ह्यूमन रिसोर्स ऑफिसर बनीं। उन्होंने डाइवर्सिटी और जेंडर बैलेंस पर बड़ा काम किया। यूनिलीवर में 50/50 जेंडर लीडरशिप बैलेंस हासिल करने में उनकी अहम भूमिका रही।

Chanel में एंट्री और नया इतिहास

दिसंबर 2021 में बड़ा मोड़ आया। Chanel के चेयरपर्सन Alain Wertheimer ने उन्हें ग्लोबल सीईओ नियुक्त किया। जनवरी 2022 से वह चैनल की पहली महिला सीईओ, पहली भारतीय मूल की और पहली महिला ऑफ कलर बनीं जिन्होंने किसी बड़े लग्जरी ब्रांड की कमान संभाली। फैशन इंडस्ट्री का अनुभव नहीं होने के बावजूद उनकी लीडरशिप पर भरोसा जताया गया। उन्होंने दुनिया भर के रिटेल स्टोर्स और मैन्युफैक्चरिंग यूनिट्स का दौरा किया। क्रिएटिव डायरेक्टर Virginie Viard के साथ मिलकर ब्रांड को नई दिशा दी।

लीडरशिप का अलग अंदाज

लिना नायर का स्टाइल अलग है। वह एम्पैथी और कंपैशन को लीडरशिप की ताकत मानती हैं। उनका मानना है कि बदलाव से पहले लोगों को समझना जरूरी है। उन्हें कई अंतरराष्ट्रीय सम्मान मिले। 2021 में फोर्ब्स की मोस्ट पावरफुल वुमन लिस्ट में जगह मिली। 2025 में उन्हें ब्रिटिश रॉयल फैमिली द्वारा CBE सम्मान से नवाजा गया।

भारतीय लड़कियों के लिए रोल मॉडल

कोल्हापुर से पेरिस तक का उनका सफर बताता है कि मजबूत जड़ें और सही मूल्य इंसान को ऊंचाइयों तक पहुंचाते हैं। आज लिना नायर लाखों लड़कियों के लिए प्रेरणा हैं। उनकी कहानी यह सिखाती है कि सपने छोटे शहरों में भी जन्म लेते हैं, लेकिन मेहनत उन्हें वैश्विक मंच तक पहुंचाती है।

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