राज्यसभा में LPG संकट पर हंगामा, खड़गे के आरोप; TMC सांसदों का वॉकआउट

Rajya Sabha debate over LPG crisis in India
राज्यसभा में LPG सिलेंडर की कमी को लेकर विपक्ष और सरकार के बीच तीखी बहस देखने को मिली.

बजट सत्र में विपक्ष ने गैस सिलेंडर की कमी पर सरकार को घेरा, भाजपा ने कहा- आपदा में भी राजनीति

राज्यसभा में LPG संकट पर तीखी बहस


संसद के बजट सत्र के दूसरे चरण में सोमवार को राज्यसभा में LPG सिलेंडर की कमी को लेकर जोरदार हंगामा देखने को मिला. विपक्षी दलों ने सरकार पर संकट को संभालने में नाकाम रहने का आरोप लगाया. कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने सदन में कहा कि पेट्रोलियम मंत्री ने लोकसभा में दावा किया था कि देश में LPG की कोई कमी नहीं है. हालांकि जमीनी हालात सरकारी दावों से अलग दिखाई दे रहे हैं. उन्होंने कहा कि अगर सरकार को पहले से संभावित संकट की जानकारी थी, तो समय रहते जरूरी इंतजाम क्यों नहीं किए गए. खड़गे के इस बयान के बाद सदन में सत्तापक्ष और विपक्ष के बीच तीखी नोकझोंक भी देखने को मिली.

भाजपा ने लगाया राजनीति करने का आरोप


खड़गे के बयान पर भाजपा अध्यक्ष और राज्यसभा सांसद जेपी नड्डा ने आपत्ति जताई. उन्होंने कहा कि कांग्रेस इस मुद्दे पर भी राजनीति कर रही है. इस दौरान खड़गे और नड्डा के बीच तीखी बहस हुई. वहीं संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने भी विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि कांग्रेस के नेता सरकार का जवाब सुनने के लिए तैयार नहीं रहते. इस पूरे घटनाक्रम के कारण राज्यसभा में कुछ समय के लिए तनावपूर्ण माहौल बना रहा.

TMC सांसदों का सदन से वॉकआउट


इसी बीच तृणमूल कांग्रेस के सांसदों ने राज्यसभा से वॉकआउट कर दिया. पार्टी ने पश्चिम बंगाल के शीर्ष अधिकारियों को हटाने के चुनाव आयोग के फैसले का विरोध किया. TMC नेताओं का कहना था कि यह फैसला राजनीतिक दबाव में लिया गया है. इस मुद्दे को लेकर पार्टी ने सदन में विरोध दर्ज कराया और बाद में वॉकआउट कर दिया. इसके कारण सदन में राजनीतिक माहौल और गरमा गया.

लोकसभा में शांतिपूर्ण तरीके से चला प्रश्नकाल


जहां राज्यसभा में हंगामा देखने को मिला, वहीं लोकसभा में प्रश्नकाल बिना किसी बड़े व्यवधान के पूरा हुआ. कार्यवाही शुरू होते ही कुछ विपक्षी सांसदों ने अपने मुद्दे उठाने की मांग की. इस पर लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने कहा कि उन्हें दोपहर 12 बजे प्रश्नकाल खत्म होने के बाद बोलने का मौका दिया जाएगा. इसके बाद प्रश्नकाल सामान्य तरीके से चलता रहा. इस दौरान वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण, केंद्रीय मंत्री मनसुख मांडविया और गजेंद्र सिंह शेखावत ने सांसदों के सवालों के जवाब दिए.

अन्य मुद्दों पर भी हुई चर्चा


बजट सत्र के दौरान अन्य कई मुद्दों पर भी चर्चा हुई. वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बताया कि 2026 में कर्ज वसूली अधिकरण (DRT) और कर्ज वसूली अपीलीय अधिकरण (DRAT) में लंबित मामलों के निपटारे के लिए चार विशेष लोक अदालतें आयोजित की जाएंगी. वहीं नागरिक उड्डयन मंत्री राममोहन नायडू ने जानकारी दी कि मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के कारण भारतीय एयरलाइंस की 4,335 उड़ानें रद्द करनी पड़ी हैं. इन मुद्दों के बीच संसद में राजनीतिक बहस का माहौल बना रहा.

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