लखनऊ में पिता की हत्या: इकलौते बेटे ने शव के टुकड़े कर नीले ड्रम में छिपाया

Lucknow Ashiyana father murder investigation
लखनऊ के आशियाना में बेटे ने करियर विवाद में पिता की हत्या कर शव के टुकड़े छिपाए।

MBBS के दबाव और करियर विवाद में खून से सना घर

उत्तर प्रदेश की राजधानी Lucknow के आशियाना क्षेत्र में एक सनसनीखेज वारदात सामने आई है। पैथोलॉजी लैब संचालक मानवेंद्र सिंह की उनके 21 वर्षीय बेटे अक्षत ने गोली मारकर हत्या कर दी। इसके बाद शव के टुकड़े कर नीले ड्रम में छिपा दिया गया।

बहन के सामने मारी गोली, दी जान से मारने की धमकी

घटना 20 फरवरी की सुबह करीब 4:30 बजे की बताई जा रही है। आरोपी ने लाइसेंसी राइफल से पिता को गोली मारी। उस समय उसकी 17 वर्षीय बहन भी घर में मौजूद थी। बहन के शोर मचाने पर उसे भी जान से मारने की धमकी दी गई। डर की वजह से बहन तीन दिन तक चुप रही।

शव के टुकड़े, सिर 21 किलोमीटर दूर फेंका

पुलिस के अनुसार, हत्या के बाद आरोपी ने शव को तीसरी मंजिल से नीचे लाकर एक कमरे में रखा। बाजार से आरी खरीदकर शव के कई टुकड़े किए। कुछ हिस्सों को पॉलीथिन में पैक कर नीले ड्रम में भर दिया।सिर को कार में रखकर काकोरी क्षेत्र के पास फेंक आया। फिलहाल सिर और कुछ अन्य अंग बरामद नहीं हुए हैं।

तीन दिन बाद दर्ज कराई गुमशुदगी

वारदात के तीन दिन बाद आरोपी आशियाना थाने पहुंचा।उसने बताया कि पिता दिल्ली गए थे और वापस नहीं लौटे। पुलिस को उसके हाव-भाव पर शक हुआ। सख्ती से पूछताछ करने पर पहले आत्महत्या की कहानी सुनाई। फिर हत्या की बात कबूल कर ली।

करियर को लेकर था विवाद

आरोपी ने बताया कि उसके पिता चाहते थे कि वह NEET पास कर MBBS करे। लेकिन वह होटल या रेस्टोरेंट खोलना चाहता था। इसी बात को लेकर अक्सर विवाद होता था। चार साल पहले भी वह घर से भाग गया था और एक पत्र लिखकर MBBS न करने की बात कही थी।

परिवार और पृष्ठभूमि

मानवेंद्र सिंह मूल रूप से जालौन के रहने वाले थे। उनके पिता उत्तर प्रदेश पुलिस से सेवानिवृत्त हैं। परिवार आशियाना सेक्टर-L में रहता था। पत्नी का नौ साल पहले निधन हो चुका था। बेटा बीकॉम का छात्र है, जबकि बेटी 11वीं में पढ़ती है।

जांच जारी, कई सवाल बाकी

डीसीपी विक्रांत वीर के मुताबिक, आरोपी ने जुर्म कबूल किया है। हत्या में इस्तेमाल राइफल गद्दे के नीचे छिपाई गई थी। पुलिस शव के शेष अंगों की तलाश कर रही है। यह मामला केवल पारिवारिक विवाद नहीं, बल्कि मानसिक दबाव और संवादहीनता के गंभीर परिणामों की ओर भी इशारा करता है। पुलिस पूरे घटनाक्रम की गहन जांच कर रही है।

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