दो दिनों में 1.80 करोड़ श्रद्धालुओं के स्नान का दावा, मेला प्रशासन हाई अलर्ट पर
प्रयागराज में आस्था का महासंगम
प्रयागराज में आयोजित माघ मेला इन दिनों सनातन धर्म की आस्था और एकता का भव्य प्रतीक बन गया है। संगम की पवित्र रेती पर श्रद्धालुओं का ऐसा जनसैलाब उमड़ रहा है, जिसने बीते सभी रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। वसंत पंचमी के प्रमुख स्नान पर्व के बाद भी श्रद्धालुओं की भीड़ लगातार बढ़ती जा रही है।
गणतंत्र दिवस की छुट्टी का श्रद्धालुओं ने उठाया लाभ
गणतंत्र दिवस की छुट्टी ने माघ मेला की भीड़ को और बढ़ा दिया। देश के कोने-कोने से आए श्रद्धालुओं ने इस अवकाश का उपयोग संगम स्नान के लिए किया। सोमवार और मंगलवार को संगम तट पर दिनभर श्रद्धालुओं की कतारें लगी रहीं।
दो दिन में 1.80 करोड़ श्रद्धालुओं के स्नान का दावा
मेला प्रशासन के अनुसार सोमवार को करीब एक करोड़ श्रद्धालुओं ने संगम में आस्था की डुबकी लगाई। वहीं मंगलवार को यह संख्या 80 लाख से अधिक रही। प्रशासन का दावा है कि अब तक माघ मेला में लगभग 20 करोड़ श्रद्धालु स्नान कर चुके हैं।
रिकॉर्ड भीड़ ने पुराने कुंभ को भी पीछे छोड़ा
प्रशासन का कहना है कि यह संख्या न केवल हालिया माघ मेलों से अधिक है, बल्कि वर्ष 2019 से पहले हुए किसी भी कुंभ मेले से भी ज्यादा है। सुबह से लेकर देर शाम तक गंगा, यमुना और सरस्वती के संगम पर स्नान करने वालों का तांता लगा रहा।
भक्ति, मंत्रोच्चार और संस्कृति का जीवंत दृश्य
संगम क्षेत्र में मंत्रोच्चार, भक्ति संगीत और धार्मिक अनुष्ठानों के बीच श्रद्धालु पुण्य लाभ अर्जित करते नजर आए। यह दृश्य सनातन संस्कृति की जीवंतता और उसकी व्यापक स्वीकार्यता को दर्शा रहा है।
भीड़ को देखते हुए लागू हुआ डायवर्जन प्लान
श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को नियंत्रित करने के लिए मंगलवार को पूरे दिन ट्रैफिक डायवर्जन लागू रहा। काली मार्ग, त्रिवेणी मार्ग और अपर संगम मार्ग पर श्रद्धालुओं की कतारें लगातार बनी रहीं।
पुलिस और प्रशासन संभाल रहा मोर्चा
लाल मार्ग पर परेड थाने के सामने बैरिकेडिंग कर श्रद्धालुओं को एरावत घाट की ओर डायवर्ट किया गया। परेड क्षेत्र के सीओ कालीचरण और इंस्पेक्टर पुलिस बल के साथ लगातार मौके पर तैनात रहे और भीड़ नियंत्रण में जुटे रहे।
आने वाले दिनों में और बढ़ सकती है भीड़
प्रशासन का अनुमान है कि आगामी स्नान पर्वों और छुट्टियों के दौरान श्रद्धालुओं की संख्या और बढ़ सकती है। इसके लिए अतिरिक्त सुरक्षा और व्यवस्थाएं की जा रही हैं।
