आयकरदाता फ्री राशन में पाए गए
मथुरा में 10,000 से अधिक ऐसे लोग पाए गए, जो आयकरदाता होने के बावजूद मुफ्त राशन ले रहे थे। केंद्र सरकार के डेटा के अनुसार, जिले के राशन कार्ड धारकों में अपात्रों की पहचान की गई। अब इनका राशन वितरण से नाम हटाने की कार्रवाई शुरू हो गई है।
केंद्र ने भेजा था संदिग्धों का डेटा
केंद्र सरकार ने आधार और पैन कार्ड लिंकिंग के जरिए 40 हजार संदिग्धों की सूची भेजी थी। इस सूची की जांच में 10,040 लोगों को अपात्र पाया गया। इनमें 6,683 लोग ऐसे थे जिनकी वार्षिक आय तीन लाख रुपये से अधिक थी और 3,357 लोग ऐसे थे जिनकी आय दो लाख रुपये से अधिक थी।
अपात्रों के फायदे और संपत्ति
जांच में सामने आया कि ये लोग पक्के मकान, गाड़ियां और अन्य सुविधाओं के मालिक हैं। बावजूद इसके, वे मुफ्त गेहूं और चावल की लाइन में खड़े थे। इनके कारण वास्तविक जरूरतमंद लोगों को राशन मिलने में बाधा आ रही थी।
नाम हटाकर मिलेगा लाभ
जिला पूर्ति अधिकारी संजीव कुमार सिंह ने बताया कि अपात्रों के नाम राशन वितरण सूची से हटाए जा रहे हैं। इस कार्रवाई से रिक्त हुए स्थानों पर असली जरूरतमंदों को राशन मिलेगा। जांच अभियान जारी है और आने वाले दिनों में चार पहिया वाहन, एसी और जेनरेटर रखने वाले कार्डधारकों की भी सख्ती से समीक्षा की जाएगी।
