2300 किलो चांदी गबन का मामला, मोबाइल सर्विलांस पर; पुलिस जांच में जुटी, कारोबार ठप
सराफा बाजार में भरोसे का संकट
उत्तर प्रदेश के मथुरा स्थित प्रसिद्ध सराफा बाजार में इन दिनों अजीब सा सन्नाटा पसरा हुआ है। आमतौर पर सहालग के मौसम में जहां चहल-पहल रहती है, वहां अब कारोबार ठप नजर आ रहा है। वजह है चांदी के बड़े गबन की घटनाएं, जिसने व्यापारियों के भरोसे को गहरा झटका दिया है। अब तक सामने आई जानकारी के अनुसार, करीब 2300 किलो चांदी, जिसकी अनुमानित कीमत लगभग 70 करोड़ रुपये है, बाजार से गायब हो चुकी है।
एक के बाद एक सामने आए गबन के मामले
पहले चरण में सराफा बाजार से जुड़े दो व्यापारियों द्वारा 1500 किलो चांदी लेकर गायब होने की बात सामने आई। इसके बाद एक अन्य कारोबारी पर 800 किलो चांदी के गबन का आरोप लगा। धीरे-धीरे कुछ और व्यापारी भी सामने आए, जिनकी चांदी बाजार के ही कुछ कारोबारियों के पास फंसी हुई है। न तो चांदी लौटाई जा रही है और न ही भुगतान की कोई स्थिति बन पा रही है।
सहालग में भी बाजार में मंदी
इन घटनाओं का असर सीधे बाजार पर पड़ा है। सहालग शुरू होने के बावजूद चांदी का लेनदेन बेहद सीमित हो गया है। कारोबारी जोखिम लेने से बच रहे हैं। नतीजतन, माल तैयार नहीं हो पा रहा और जो तैयार माल है, वह भी बिक नहीं रहा। इससे कारीगरों और चांदी के कारखानों पर संकट गहराने लगा है। व्यापारियों का कहना है कि यदि यही हालात रहे, तो उत्पादन पूरी तरह ठप हो सकता है।
पुलिस जांच में जुटी, मोबाइल सर्विलांस पर
चांदी गबन के इन मामलों को लेकर पुलिस भी सक्रिय हो गई है। लापता व्यापारियों के मोबाइल नंबर सर्विलांस पर लगाए गए हैं। पुलिस टीमें लगातार उनकी लोकेशन ट्रेस करने में जुटी हैं। हालांकि हैरानी की बात यह है कि अभी तक किसी भी मामले में औपचारिक एफआईआर दर्ज नहीं की गई है। पुलिस का कहना है कि तथ्यों की जांच के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
कारोबारियों में चिंता, बाजार में पसरा सन्नाटा
सोमवार को चौक बाजार सहित पूरे सराफा क्षेत्र में दिन के समय भी सन्नाटा नजर आया। दुकानदार परेशान हैं और भविष्य को लेकर चिंतित हैं। व्यापारियों का कहना है कि चांदी की कीमत पहले ही ऊंचाई पर है, ऊपर से इस तरह के गबन ने हालात और खराब कर दिए हैं। फिलहाल, सभी की निगाहें पुलिस जांच पर टिकी हैं। उम्मीद की जा रही है कि जल्द ही गायब चांदी और व्यापारियों का सुराग लगेगा, जिससे बाजार में दोबारा भरोसा लौट सके।
