100 करोड़ का MD ड्रग्स नेटवर्क, ‘CEO’ बन चला रहा था धंधा; 7 साल बाद तस्कर गिरफ्तार

MD drugs smuggler arrested in Rajasthan
ANTF ने MD ड्रग्स नेटवर्क के ‘CEO’ को किया गिरफ्तार

बाड़मेर।
राजस्थान एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (ANTF) ने एक बड़े ड्रग्स तस्कर को गिरफ्तार किया है, जो खुद को ‘CEO’ बताकर MD ड्रग्स का नेटवर्क चला रहा था। करीब 7 साल से फरार यह आरोपी अब जाकर पुलिस के हत्थे चढ़ा।

कॉर्पोरेट स्टाइल में चलाता था नशे का कारोबार

इंटरहेडिंग के बाद पूरे क्रम में देखें तो, आरोपी ने अपने पूरे नेटवर्क को कॉर्पोरेट मॉडल पर खड़ा किया था। वह खुद ‘CEO’ बनकर काम करता था, जबकि उसके साथियों को प्रोडक्शन हेड, फैक्ट्री मैनेजर और अकाउंटिंग हेड जैसी जिम्मेदारियां दी गई थीं।

राजस्थान में 4 फैक्ट्री, तीन राज्यों में सप्लाई

इंटरहेडिंग के बाद पूरे क्रम में समझें तो, आरोपी की जोधपुर, बाड़मेर, जालोर और सांचौर में MD ड्रग्स की फैक्ट्रियां संचालित थीं। यह नेटवर्क राजस्थान के अलावा गुजरात और मध्यप्रदेश तक फैला हुआ था।

100 करोड़ से ज्यादा का नशा बेच चुका

जांच में सामने आया है कि आरोपी अब तक करीब 100 करोड़ रुपए का MD ड्रग्स बाजार में सप्लाई कर चुका है। प्रति किलो MD पर लगभग 15 लाख रुपए तक का मुनाफा कमाया जाता था।

7 साल से पुलिस को दे रहा था चकमा

इंटरहेडिंग के बाद पूरे क्रम में देखें तो, आरोपी राजूराम उर्फ राजेश (40) पिछले 7 साल से फरार चल रहा था। विकास कुमार के अनुसार, उस पर 40 हजार रुपए का इनाम भी घोषित था और वह कई राज्यों में वांछित था।

अमावस्या पर हरिद्वार जाता, तंत्र-मंत्र में विश्वास

आरोपी जादू-टोना और तंत्र-मंत्र में विश्वास रखता था। हर अमावस्या पर हरिद्वार और कैंची धाम जाता था।

ऐसे बिछाया गया जाल

इंटरहेडिंग के बाद पूरे क्रम में समझें तो, ANTF को आरोपी के बाड़मेर में होने की सूचना मिली थी। आरोपी ने बचने के लिए अपने गुर्गों को स्कॉर्पियो में दूसरी जगह भेजा, जबकि खुद एक झोपड़ी में छिपा रहा। पुलिस ने उसकी एक करीबी महिला मित्र की गतिविधियों पर नजर रखी और उसी के जरिए लोकेशन ट्रैक कर आरोपी तक पहुंची।

मुखबिरों का मजबूत नेटवर्क

आरोपी ने गांव में मुखबिरों का नेटवर्क बना रखा था। जैसे ही पुलिस की सूचना मिलती, वह खेतों के रास्ते फरार हो जाता था।

अवैध शराब से MD ड्रग्स तक का सफर

इंटरहेडिंग के बाद पूरे क्रम में देखें तो, आरोपी ने करीब 12 साल पहले अवैध शराब तस्करी से अपना अपराध शुरू किया था।
इसके बाद अफीम और डोडा चूरा तस्करी करते हुए MD ड्रग्स नेटवर्क में शामिल हो गया और धीरे-धीरे खुद नेटवर्क का बड़ा चेहरा बन गया।

ऑपरेशन ‘जेंटल-मेंटल’ में मिली सफलता

दिनेश एम.एन. के निर्देशन में चलाए जा रहे अभियान के तहत यह कार्रवाई की गई। करीब 6 महीने लंबे ‘ऑपरेशन जेंटल-मेंटल’ के बाद यह बड़ी सफलता हाथ लगी।

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