मेदिनीपुर में भीड़ का कहर, चोर समझकर इंजीनियर की पीट-पीटकर हत्या

पश्चिम मेदिनीपुर में भीड़ हिंसा के बाद जांच करती पुलिस
मेदिनीपुर में चोर समझकर भीड़ ने इंजीनियर की पिटाई की, 10 दिन बाद अस्पताल में मौत।

नाइट ड्यूटी पर जा रहे 33 वर्षीय सौम्यदीप चंद पर हमला, 10 दिन बाद अस्पताल में तोड़ा दम

पश्चिम बंगाल के West Medinipur जिले से इंसानियत को झकझोर देने वाली घटना सामने आई है। चोर होने के शक में एक इंजीनियर की बीच सड़क पर बेरहमी से पिटाई कर दी गई। गंभीर रूप से घायल इंजीनियर ने 10 दिनों तक जिंदगी और मौत से संघर्ष किया। हालांकि, आखिरकार अस्पताल में उनकी मौत हो गई। मृतक की पहचान 33 वर्षीय सौम्यदीप चंद के रूप में हुई है।

नाइट ड्यूटी पर जा रहे थे खड़गपुर

जानकारी के अनुसार, 8 फरवरी की रात सौम्यदीप अपने घर से ड्यूटी के लिए निकले थे। वे केशियारी ब्लॉक से Kharagpur जा रहे थे। रास्ते में खड़गपुर थाना क्षेत्र के अनारकली इलाके में भीड़ ने उन्हें रोक लिया। इसी दौरान उन पर हमला कर दिया गया।

पहचान बताने के बावजूद नहीं मानी भीड़

परिजनों के अनुसार, सौम्यदीप ने खुद को निर्दोष बताने की कोशिश की। उन्होंने अपनी पहचान भी बताई। लेकिन भीड़ ने उनकी एक नहीं सुनी। उन्हें चोर समझकर डंडों और घातक वस्तुओं से पीटा गया। हमले में उनके सिर पर गंभीर चोट आई।

10 दिन बाद अस्पताल में मौत

घायल अवस्था में उन्हें पहले खड़गपुर उपजिला अस्पताल ले जाया गया। हालत बिगड़ने पर उन्हें भुवनेश्वर रेफर किया गया। आईसीयू में 10 दिनों तक इलाज चला। शनिवार रात उन्होंने दम तोड़ दिया। मौत की खबर मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया।

परिवार की न्याय की मांग

मृतक के चाचा हरेकृष्ण चंद ने घटना को जघन्य अपराध बताया। उन्होंने प्रशासन से दोषियों को कड़ी सजा देने की मांग की। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। हमलावरों की पहचान के प्रयास जारी हैं। यह घटना एक बार फिर भीड़ हिंसा और अफवाहों के खतरनाक परिणामों को उजागर करती है। साथ ही कानून व्यवस्था और जागरूकता पर भी गंभीर सवाल खड़े करती है।

Read More :- गंगा पार का सफर कब होगा आसान? अगुवानी घाट और ताजपुर-बख्तियारपुर पुल पर सख्त निगरानी