ट्रैफिक जाम से राहत की उम्मीद, 2026 में जनपद में दौड़ेगी मेट्रो
मेरठ। मेट्रो रेल की कहानी सिर्फ परिवहन की नहीं है। यह तकनीक, सुविधा और शहर के बदलते चेहरे की कहानी भी है। Meerut अब देश का 25वां शहर बन गया है, जहां मेट्रो सेवा उपलब्ध है।
1984 से शुरू हुआ सफर
भारत में मेट्रो की शुरुआत 1984 में Kolkata से हुई थी। इसके बाद 2002 में Delhi में मेट्रो चली। फिर 2011 में Bengaluru जुड़ा। 2014 में Mumbai में मेट्रो की शुरुआत हुई। 2015 में Jaipur और Chennai, 2017 में Lucknow, Hyderabad और Kochi जुड़े। 2019 में Nagpur और Ahmedabad-गांधीनगर कॉरिडोर शुरू हुआ। 2021 में Kanpur, 2022 में Pune, 2024 में Agra, 2025 में Indore, Patna और Bhopal मेट्रो वाले शहर बने। अब मेरठ भी इसी सूची में शामिल है।
ट्रैफिक का बढ़ता दबाव
जनपद में हर साल करीब 67 हजार नए वाहन सड़कों पर उतर रहे हैं। निजी वाहनों की संख्या 12 लाख तक पहुंच चुकी है। व्यावसायिक वाहन 83 हजार से ज्यादा हैं। लेकिन सड़कें उतनी ही हैं। परतापुर से बेगमपुल तक पहुंचने में उतना समय लग जाता है, जितना परतापुर से दिल्ली जाने में लगता है।
2026 में बदलेगा यातायात
अधिकारियों का मानना है कि 2026 में मेट्रो संचालन शुरू होने से दिल्ली रोड पर बड़ा बदलाव आएगा।मेरठ साउथ स्टेशन पर यात्रियों की भीड़ यह संकेत दे रही है कि बाकी 12 स्टेशनों पर भी अच्छी संख्या रहेगी। एसएसपी अविनाश पांडेय के अनुसार, मेट्रो से शहर का चेहरा बदलेगा। ऑटो और ई-रिक्शा अब मुख्य सड़कों की बजाय मोहल्लों तक सीमित रहेंगे। मेट्रो से उतरने वाले यात्रियों को घर तक पहुंचाने की भूमिका निभाएंगे। स्पष्ट है कि मेरठ में मेट्रो सिर्फ सुविधा नहीं है। यह शहरी विकास की नई शुरुआत है।
