राहुल गांधी से मुलाकात के बाद भी खुद को बताया गैर-राजनीतिक
उत्तराखंड के Kotdwar में जिम चलाने वाले मोहम्मद दीपक 23 फरवरी को दिल्ली में Rahul Gandhi से मिले। उनके साथ उनके दोस्त विजय रावत भी थे। 26 जनवरी को दोनों एक मुस्लिम दुकानदार के समर्थन में सामने आए थे। इसके बाद उन्हें सोशल मीडिया पर धमकियां मिलने लगीं।
“कांग्रेस जॉइन नहीं की, इंसानियत के नाते मिला”
दीपक ने साफ कहा कि उनका राजनीति से कोई लेना-देना नहीं है। उन्होंने कहा कि वे राहुल गांधी से इंसानियत के नाते मिले। अगर प्रधानमंत्री मोदी बुलाएंगे तो उनसे भी मिलने जाएंगे। उन्होंने किसी भी राजनीतिक दल से जुड़ने से इनकार किया।
धमकियों का सिलसिला जारी
दीपक का दावा है कि उन्हें अब भी जान से मारने की धमकियां मिल रही हैं। सोशल मीडिया पर कुछ लोग 2 लाख तो कुछ 5 लाख रुपए तक देने की बात लिख रहे हैं। हालांकि अब तक इस मामले में कोई गिरफ्तारी नहीं हुई है।
जिम पर पड़ा असर
दीपक बताते हैं कि घटना के बाद उनके जिम के मेंबर घटकर 15-16 रह गए थे। अब करीब 30 मेंबर हैं, जबकि पहले 150 हुआ करते थे। लोग डर की वजह से अपने बच्चों को जिम भेजने से बच रहे हैं।
इंसानियत जोड़ो यात्रा का प्लान
दीपक और विजय रावत “इंसानियत जोड़ो यात्रा” निकालने की तैयारी कर रहे हैं। उनका कहना है कि यह यात्रा नफरत के खिलाफ होगी। वे चाहते हैं कि हर पार्टी और हर धर्म के लोग इसमें शामिल हों।
विजय रावत ने क्या कहा
विजय रावत ने बताया कि 26 जनवरी को वे दुकान के पास बैठे थे। उन्होंने एक बुजुर्ग को परेशान देखा, इसलिए मदद करने गए। उनके खिलाफ भी केस दर्ज हुआ है। रावत का कहना है कि देश में नफरत की घटनाएं बढ़ रही हैं और युवाओं को आगे आना चाहिए।
इमरान प्रतापगढ़ी का बयान
कांग्रेस सांसद Imran Pratapgarhi ने दीपक को “मोहब्बत का दीपक” बताया। उन्होंने कहा कि समाज को जोड़ने वालों का सम्मान होना चाहिए। साथ ही उन्होंने आरोप लगाया कि धमकी देने वालों पर अब तक कार्रवाई नहीं हुई है।
माहौल में सुधार, पर चिंता बरकरार
दीपक का कहना है कि शुरुआती दिनों में माहौल काफी तनावपूर्ण था। अब स्थिति कुछ बेहतर है। परिवार धीरे-धीरे सामान्य जीवन की ओर लौट रहा है। फिर भी वे चाहते हैं कि आरोपियों पर कार्रवाई हो। उन्होंने कहा कि अगर किसी के साथ गलत हो रहा हो, तो धर्म नहीं इंसानियत के आधार पर आवाज उठानी चाहिए
