88 मौलवियों की असेंबली से चयन की खबर, जंग में 200 अमेरिकी फाइटर जेट शामिल होने का दावा
मध्य पूर्व में जारी संघर्ष के बीच ईरान से बड़ा दावा सामने आया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, पूर्व सुप्रीम लीडर Ali Khamenei के बेटे Mojtaba Khamenei को देश का नया सुप्रीम लीडर चुन लिया गया है। बताया जा रहा है कि 88 मौलवियों वाली Assembly of Experts ने उन्हें चुना है। हालांकि, इस चयन की आधिकारिक पुष्टि अभी तक नहीं हुई है।
हमले में अली खामेनेई की मौत का दावा
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, 28 फरवरी को अमेरिका-इजराइल के संयुक्त हमले में अली खामेनेई की मौत हो गई थी। इसके बाद ईरान में नेतृत्व को लेकर अटकलें तेज हो गईं। बताया जा रहा है कि सुरक्षा कारणों से वोटिंग रिमोट तरीके से कराई गई। असेंबली का कोई औपचारिक सत्र आयोजित नहीं हुआ। इससे पहले खबर थी कि अगले सुप्रीम लीडर का चयन अगले सप्ताह किया जाएगा।
पहले ही तय कर दिए गए थे उत्तराधिकारी?
रिपोर्ट्स के मुताबिक, अली खामेनेई ने साल 2024 में बीमारी के दौरान मुजतबा खामेनेई को उत्तराधिकारी के तौर पर आगे बढ़ाया था। हालांकि उस समय भी इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई थी। यह भी दावा किया गया कि 26 सितंबर 2024 को असेंबली ने गोपनीय बैठक में नए सुप्रीम लीडर पर फैसला ले लिया था।
अमेरिका का बड़ा सैन्य अभियान
इस बीच, अमेरिका का दावा है कि उसने ईरान में करीब 2,000 ठिकानों पर हमला किया है। US आर्मी सेंट्रल कमांड के प्रमुख ब्रैड कूपर के अनुसार, इस ऑपरेशन में 50,000 से अधिक सैनिक और करीब 200 फाइटर जेट शामिल हैं। यह अभियान क्षेत्रीय तनाव को और बढ़ा सकता है।
ईरान को भारी नुकसान
ईरानियन रेड क्रिसेंट सोसाइटी के अनुसार, युद्ध के चार दिनों में 787 लोगों की मौत हो चुकी है। 153 शहरों को निशाना बनाया गया। कुल 504 स्थानों पर 1,039 हमले दर्ज किए गए। इन आंकड़ों से स्पष्ट है कि संघर्ष का दायरा व्यापक है।
