TMC में ममता बनर्जी के बाद माने जाते थे नंबर-2, राजनीति में रहा उतार-चढ़ाव भरा सफर
मुकुल रॉय का निधन कैसे हुआ? Mukul Roy का रविवार देर रात कोलकाता के एक निजी अस्पताल में निधन हो गया। वह 71 वर्ष के थे। जानकारी के मुताबिक, उन्होंने रात करीब 1:30 बजे अंतिम सांस ली। बताया जा रहा है कि वह लंबे समय से कई गंभीर बीमारियों से जूझ रहे थे। खासतौर पर नर्व संबंधी समस्या और डिमेंशिया ने उनकी हालत को काफी कमजोर कर दिया था। तबीयत बिगड़ने के बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया था। हालांकि, डॉक्टरों की तमाम कोशिशों के बावजूद उन्हें बचाया नहीं जा सका।
TMC में नंबर-2 की पहचान
Mamata Banerjee के करीबी सहयोगी रहे मुकुल रॉय को कभी All India Trinamool Congress में नंबर-2 नेता माना जाता था। दरअसल, वह पार्टी के ‘क्राइसिस मैनेजर’ कहे जाते थे। संगठन मजबूत करना हो या चुनावी रणनीति बनानी हो, रॉय हर मोर्चे पर सक्रिय रहते थे। साल 1998 में TMC के गठन के समय वह संस्थापक सदस्यों में शामिल थे। बाद में वह पार्टी के महासचिव बने। वर्ष 2006 में वह Rajya Sabha के लिए चुने गए। इसके बाद यूपीए-2 सरकार में उन्होंने पहले शिपिंग मंत्रालय में राज्य मंत्री के रूप में काम किया। फिर मार्च 2012 में वह देश के रेल मंत्री बने।
‘बंगाल के चाणक्य’ क्यों कहलाए?
साल 2011 में जब तृणमूल कांग्रेस ने 34 साल पुराने वाम शासन को खत्म किया, तब संगठन को मजबूत करने में मुकुल रॉय की बड़ी भूमिका रही। वह विपक्षी दलों के नेताओं को पार्टी में शामिल कराने में माहिर माने जाते थे। इसी वजह से उन्हें ‘बंगाल की राजनीति का चाणक्य’ कहा जाता था। हालांकि, शारदा चिटफंड और नारदा स्टिंग जैसे मामलों में नाम आने के बाद वह विवादों में भी रहे।
भाजपा में गए, फिर की घर वापसी
पार्टी नेतृत्व से मतभेद बढ़ने पर वह 2017 में भाजपा में शामिल हो गए। 2019 के लोकसभा चुनाव में बंगाल में भाजपा को मिली सफलता का श्रेय भी उन्हें दिया गया।साल 2021 में वह भाजपा विधायक बने। लेकिन कुछ ही महीनों बाद उन्होंने फिर TMC में वापसी कर ली। हालांकि, वापसी के बाद उनका प्रभाव पहले जैसा नहीं रहा।
याद किया जाएगा राजनीतिक सफर
13 नवंबर 2025 को Calcutta High Court ने दलबदल कानून के तहत उन्हें विधायक पद के लिए अयोग्य घोषित कर दिया था। मुकुल रॉय का राजनीतिक जीवन रणनीति, विवाद और बदलते समीकरणों से भरा रहा। फिर भी बंगाल की राजनीति में उनकी भूमिका लंबे समय तक याद की जाएगी।
