BMC चुनाव में भाजपा गठबंधन को बहुमत, चार साल से खाली मेयर पद पर अब भगवा काबिज होने के आसार
मुंबई। देश की आर्थिक राजधानी मुंबई में सियासी इतिहास बदलने जा रहा है। बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) में पहली बार भारतीय जनता पार्टी (BJP) का मेयर बनने की प्रबल संभावना बन गई है। चार वर्षों से खाली पड़े मेयर पद पर अब भगवा झंडा लहराने के आसार हैं।
हाल ही में आए BMC चुनाव परिणामों के अनुसार, 227 सीटों वाली नगर निगम में भाजपा गठबंधन ने 118 सीटों पर बढ़त हासिल कर बहुमत का आंकड़ा पार कर लिया है। इस गठबंधन में भाजपा अकेले 90 सीटों पर आगे चल रही है, जबकि शिवसेना (शिंदे गुट) को 28 सीटों पर बढ़त मिली है। बहुमत के आंकड़े ने साफ कर दिया है कि सत्ता की चाबी अब भाजपा गठबंधन के हाथ में है।
गौरतलब है कि मुंबई महानगरपालिका पर बीते 30 वर्षों से शिवसेना का दबदबा रहा है। बालासाहेब ठाकरे के दौर से लेकर उद्धव ठाकरे के कार्यकाल तक शिवसेना का ही मेयर बनता रहा, लेकिन इस बार समीकरण पूरी तरह बदलते नजर आ रहे हैं।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यदि यही रुझान अंतिम नतीजों में तब्दील होते हैं, तो यह मुंबई की राजनीति में सबसे बड़ा सत्ता परिवर्तन होगा। चार साल से चुनाव न होने के कारण मेयर पद खाली था, जिससे प्रशासनिक फैसलों पर भी असर पड़ रहा था।
अब भाजपा के मेयर बनने से मुंबई के प्रशासन, विकास परियोजनाओं और शहरी नीतियों में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। यह जीत न केवल BMC बल्कि महाराष्ट्र की राजनीति के लिए भी एक बड़ा संकेत मानी जा रही है।
