फर्जी किसान-लेखपाल बनकर ठगी, साधु से 28.50 लाख हड़पे

Muzaffarnagar land fraud fake farmer notary scam case
मुजफ्फरनगर में फर्जी दस्तावेज बनाकर साधु से ठगी करने वाले आरोपी गिरफ्तार

मुजफ्फरनगर में फिल्मी स्टाइल वारदात का खुलासा, 7 आरोपी गिरफ्तार

आश्रम के महाराज से बड़ी ठगी का खुलासा

मुजफ्फरनगर में फिल्मी अंदाज में की गई ठगी का पुलिस ने पर्दाफाश किया है। शुकतीर्थ स्थित निर्मोही अखाड़ा आश्रम के महाराज विष्णुदास महाराज से भूमि के नाम पर 28.50 लाख रुपये ठग लिए गए। इस मामले में पुलिस ने गिरोह के सरगना समेत सात आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया है।

सेवादार ने ही रचा पूरा षड़यंत्र

पुलिस के अनुसार आश्रम में सेवादार के रूप में काम करने वाला हासिम ही इस गिरोह का सरगना निकला। उसने अपने साथियों के साथ मिलकर पूरा षड़यंत्र रचा। आरोपितों ने किसान, लेखपाल और नोटरी अधिकारी बनकर महाराज को झांसा दिया। पहले विश्वास जीता और फिर जमीन बेचने के नाम पर ठगी की वारदात को अंजाम दिया।

फर्जी दस्तावेज और नकली पहचान का खेल

गिरोह ने फर्जी किसान बनाकर 42 बीघा जमीन दिखाने का नाटक किया। इसके बाद नकली लेखपाल से जमीन की पैमाइश कराई गई। साथ ही फर्जी इकरारनामा और नोटरी दस्तावेज तैयार किए गए। पूरी योजना बेहद सुनियोजित थी, जिससे किसी को शक न हो।

पुलिस ने ऐसे किया खुलासा

संजय कुमार वर्मा ने बताया कि पुलिस ने सातों आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया है। उनके पास से 22 लाख रुपये, कंप्यूटर और फर्जी आधार कार्ड बरामद किए गए हैं। पूछताछ के बाद सभी को न्यायालय में पेश कर जेल भेज दिया गया।

पढ़े-लिखे आरोपी भी शामिल

इस गिरोह में शामिल कुछ आरोपी अच्छी शिक्षा प्राप्त थे। एक आरोपी डबल एमए कर चुका है और यूपीपीसीएस परीक्षा भी दे चुका है। वहीं अन्य आरोपितों ने फर्जी आधार कार्ड और दस्तावेज बनाने में अहम भूमिका निभाई। इससे साफ है कि गिरोह ने ठगी के लिए पूरी प्लानिंग के साथ काम किया।

विश्वास जीतकर की वारदात

पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपितों ने पहले महाराज का विश्वास जीता। उन्हें पता था कि आश्रम में जमीन बेचने से मिला पैसा रखा है। इसी लालच में उन्होंने योजना बनाई और वारदात को अंजाम दिया। पुलिस की कार्रवाई से संतुष्ट होकर महाराज ने पुलिस टीम का आभार जताया।

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