NEET छात्रा मौत केस: CBI जांच की सिफारिश, डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी बोले— पारदर्शी और न्यायपूर्ण जांच जरूरी

NEET student death case CBI investigation
पटना NEET छात्रा मौत केस में CBI जांच की मांग

पटना NEET छात्रा रेप-मौत केस में CBI एंट्री की संभावना, SIT-CID जांच पर उठे सवाल

Patna NEET Student Death Case: CBI जांच का आग्रह

बिहार की राजधानी पटना में NEET की तैयारी कर रही छात्रा की संदिग्ध मौत और कथित रेप मामले में बड़ा राजनीतिक और प्रशासनिक अपडेट सामने आया है। डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी ने इस केस की CBI जांच कराने की सिफारिश की है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जानकारी देते हुए कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने भारत सरकार से औपचारिक रूप से CBI जांच का आग्रह किया है। सम्राट चौधरी ने लिखा कि यह जघन्य अपराध पूरी तरह पारदर्शी और न्यायपूर्ण तरीके से उजागर होना चाहिए, ताकि पीड़ित परिवार को न्याय मिले और दोषियों को कड़ी सजा दी जा सके।

CBI जांच की मांग क्यों तेज हुई?

NEET छात्रा की मौत के बाद से ही पुलिस जांच की दिशा और निष्पक्षता पर गंभीर सवाल उठते रहे हैं। शुरुआत में मामले को संदिग्ध मौत बताया गया, लेकिन पोस्टमार्टम और FSL रिपोर्ट आने के बाद रेप की आशंका सामने आई। इसके बाद राज्यभर में आक्रोश फैल गया और विपक्षी दलों व सामाजिक संगठनों ने CBI जांच की मांग शुरू कर दी। अब डिप्टी सीएम की सिफारिश के बाद मामला केंद्र सरकार के पाले में चला गया है।

NEET छात्रा केस: अब तक क्या-क्या सामने आया?

पीड़ित छात्रा पटना के एक गर्ल्स हॉस्टल में रहकर NEET की तैयारी कर रही थी।
26 दिसंबर को परिवार अचानक हॉस्टल पहुंचा और छात्रा को जहानाबाद स्थित घर ले गया।
26 दिसंबर से 5 जनवरी तक छात्रा घर पर रही, इस दौरान उसकी मानसिक स्थिति और मोबाइल डेटा जांच के दायरे में है।
5 जनवरी को छात्रा पटना लौटी।
5 जनवरी रात 9:30 बजे से 6 जनवरी दोपहर 2 बजे तक का समय सबसे अहम माना जा रहा है।
इस दौरान हॉस्टल का 17 घंटे का CCTV फुटेज गायब पाया गया।
6 जनवरी को छात्रा की तबीयत बिगड़ी और बाद में उसकी मौत हो गई।
पोस्टमार्टम और FSL रिपोर्ट में कपड़ों पर स्पर्म मिलने की पुष्टि हुई।

SIT, CID और FSL जांच में क्या निकला?

मामले की जांच के लिए SIT गठित की गई।
CID ने SIT की जांच पर सवाल उठाते हुए 59 बिंदुओं की गाइडलाइन जारी की।
CID को शक है कि छात्रा को एंटी-डिप्रेसेंट या सेडेटिव दवाएं दी गईं।
कमरे से तीन खाली दवा स्ट्रिप मिलने का मामला सामने आया।
FSL रिपोर्ट के अनुसार स्पर्म 18–21 वर्ष के युवक का हो सकता है।
अब तक 25 लोगों के DNA सैंपल लिए जा चुके हैं।
4–5 युवक सबसे ज्यादा संदिग्ध माने जा रहे हैं।

CBI जांच से क्या बदलेगा?

अगर केंद्र सरकार CBI जांच को मंजूरी देती है, तो केस की जांच का दायरा और व्यापक होगा।
डिजिटल एविडेंस, CCTV फुटेज, कॉल डिटेल और हॉस्टल प्रबंधन की भूमिका की नए सिरे से जांच होगी।
राज्य पुलिस पर लगे लापरवाही के आरोपों की भी समीक्षा होगी।

निष्कर्ष

NEET छात्रा मौत केस अब निर्णायक मोड़ पर पहुंच चुका है। डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी की CBI जांच सिफारिश के बाद यह साफ हो गया है कि सरकार इस मामले को हल्के में लेने के मूड में नहीं है। अब सबकी निगाहें केंद्र सरकार के फैसले पर टिकी हैं।

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