पीएमश्री विद्यालय की छात्रा ने हेल्थ केयर मॉडल से जीता तृतीय स्थान, बनी अन्य छात्रों के लिए प्रेरणा
प्रतिभा को मिला सही मंच, चमकी श्वेता की मेहनत
निम्बाहेड़ा की होनहार बेटी श्वेता अस्तोलिया ने यह साबित कर दिया कि अगर प्रतिभा को सही मार्गदर्शन और मंच मिल जाए, तो सफलता अपने आप कदम चूमती है। पीएमश्री राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय, निम्बाहेड़ा की कक्षा 12वीं की छात्रा श्वेता ने जिला स्तरीय ‘स्किल हुनर है तो कदर है’ प्रतियोगिता में शानदार प्रदर्शन करते हुए तृतीय स्थान हासिल किया है। इस उपलब्धि के साथ ही उन्होंने न केवल अपने विद्यालय, बल्कि पूरे निम्बाहेड़ा क्षेत्र का नाम रोशन किया है।
जिला स्तरीय प्रतियोगिता में दिखाया कौशल
अतिरिक्त जिला परियोजना समग्र शिक्षा अभियान, चित्तौड़गढ़ के तत्वावधान में आयोजित इस प्रतियोगिता का उद्देश्य विद्यार्थियों के भीतर छिपी व्यावसायिक और तकनीकी प्रतिभा को सामने लाना था। प्रतियोगिता में जिले भर के प्रतिभाशाली विद्यार्थियों ने भाग लिया। ऐसे कड़े मुकाबले में श्वेता का चयन होना उनकी मेहनत और समझ का प्रमाण है।
बायो मेडिकल वेस्ट मैनेजमेंट पर प्रभावशाली मॉडल
श्वेता अस्तोलिया ने व्यावसायिक शिक्षा के अंतर्गत हेल्थ केयर विषय का चयन करते हुए ‘बायो मेडिकल वेस्ट मैनेजमेंट’ पर एक प्रभावशाली और व्यावहारिक मॉडल प्रस्तुत किया। उनके मॉडल में मेडिकल कचरे के सुरक्षित निपटान, स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण और स्वास्थ्य सुरक्षा के आधुनिक मानकों को सरल भाषा और संरचना में समझाया गया। उनकी प्रस्तुति ने यह संदेश दिया कि सही कचरा प्रबंधन से बीमारियों और पर्यावरणीय खतरों को कैसे कम किया जा सकता है।
निर्णायक मंडल को किया प्रभावित
श्वेता की नवाचारी सोच, स्पष्ट प्रस्तुतीकरण और विषय की गहरी समझ ने निर्णायक मंडल को खासा प्रभावित किया। इसी के चलते उन्हें जिला स्तर पर तृतीय स्थान के लिए चुना गया। यह सफलता व्यावसायिक शिक्षा की उपयोगिता और महत्व को भी दर्शाती है।
शिक्षकों के मार्गदर्शन से मिली सफलता
इस उपलब्धि के पीछे विद्यालय के प्रशिक्षकों का अहम योगदान रहा। हेल्थ केयर प्रशिक्षक प्रवीण कलवार और अभिषेक गिरी गोस्वामी ने श्वेता को निरंतर मार्गदर्शन और प्रोत्साहन दिया। वहीं, प्रभारी सुनीता रावत और पीएमसी गतिविधि प्रभारी सुनील कुमार डूंगरवाल की भूमिका भी बेहद महत्वपूर्ण रही।
विद्यालय में खुशी का माहौल
छात्रा की इस सफलता से विद्यालय परिवार में खुशी की लहर दौड़ गई। प्रधानाचार्य मनोहरलाल जैन ने श्वेता को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि व्यावसायिक शिक्षा छात्रों को आत्मनिर्भर बनाने के साथ-साथ समाज की समस्याओं के समाधान के लिए भी तैयार करती है। यह उपलब्धि आने वाले समय में अन्य विद्यार्थियों के लिए प्रेरणास्रोत बनेगी।

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