वैलेंटाइन डे पर खत्म हुई प्रेम कहानी, नोएडा में कार से मिली सुमित-रेखा की लाशें

नोएडा सेक्टर-107 में खड़ी कार जहां युवक-युवती के शव मिले
नोएडा सेक्टर-107 में कार के अंदर युवक और युवती के शव मिलने से सनसनी

जात-पात और सामाजिक दबाव के बीच टूटा रिश्ता, 13 फरवरी की शाम बना दर्दनाक मोड़

14 फरवरी को जब पूरी दुनिया प्यार का जश्न मना रही थी, उसी दिन नोएडा के सेक्टर-39 थाना क्षेत्र में एक दर्दनाक घटना सामने आई। सेक्टर-107 में खड़ी एक सफेद कार के अंदर दो शव मिले। मृतकों की पहचान होनहार क्रिकेटर सुमित और उसकी प्रेमिका रेखा के रूप में हुई। शुरुआती जांच में मामला आत्महत्या का बताया जा रहा है। पुलिस के अनुसार, कार के शीशे बंद थे। अंदर सुमित के हाथ में पिस्टल थी और दोनों के सिर में गोली के निशान मिले। फोरेंसिक रिपोर्ट इशारा करती है कि पहले रेखा को गोली मारी गई और फिर सुमित ने खुद को गोली मार ली।

बचपन की दोस्ती से शुरू हुआ रिश्ता

दोनों की मुलाकात दिल्ली के त्रिलोकपुरी के एक स्कूल में हुई थी। 10वीं और 12वीं की पढ़ाई साथ करने के दौरान दोस्ती गहरी हुई और फिर प्यार में बदल गई। परिवार भी एक-दूसरे को जानते थे। सुमित क्रिकेटर था। उसने कई राज्यों में मैच खेले थे। वहीं रेखा पढ़ाई के बाद नोएडा में नौकरी करने लगी थी। दोनों भविष्य के सपने देख रहे थे। सुमित ने नोएडा में एक करोड़ रुपये का फ्लैट भी खरीदा था।

2019 का हादसा और बढ़ता विरोध

साल 2019 में सुमित का सेक्टर-107 में सड़क हादसा हुआ। डॉक्टरों ने कहा कि वह अब क्रिकेट नहीं खेल पाएगा। इस मुश्किल दौर में रेखा ने उसका साथ नहीं छोड़ा। हालांकि, जब परिवारों को रिश्ते की जानकारी हुई, तब विरोध शुरू हुआ। सुमित वाल्मीकि समाज से था और रेखा कायस्थ परिवार से। रेखा के परिवार ने इस रिश्ते का विरोध किया।

धमकियां, नोट और बढ़ता दबाव

रिपोर्ट के मुताबिक, रेखा के परिजनों ने सुमित पर दबाव बनाया। यहां तक कि छेड़खानी का केस दर्ज कराने की धमकी भी दी गई। पुलिस को सुमित की लिखी एक साल पुरानी नोट भी मिली। उसमें उसने लिखा था कि उसका रेखा से कोई संबंध नहीं है और यदि कोई शिकायत हो तो वह जिम्मेदार होगा। यह नोट उस मानसिक दबाव की गवाही देता है, जिससे वह गुजर रहा था।

13 फरवरी का आखिरी मैसेज

13 फरवरी की दोपहर सुमित ने रेखा को मैसेज किया, “मैं मरने जा रहा हूं।” रेखा उससे मिलने पहुंची। इसके बाद दोनों लापता हो गए। 14 फरवरी को पुलिस ने कार बरामद की।

अधूरा रह गया सपना

सुमित का अंतिम संस्कार दिल्ली में हुआ। रेखा का नोएडा में। जो फ्लैट सुमित ने रेखा के लिए खरीदा था, वह अब खाली पड़ा है। यह घटना सिर्फ एक प्रेम कहानी का अंत नहीं, बल्कि समाज में मौजूद जातीय सोच और दबाव की एक कड़वी सच्चाई भी उजागर करती है।

Read More :- चिनाब पर ऑपरेशन सवालकोट से बढ़ा तनाव, ‘5th Gen Warfare’ बताकर पाकिस्तान में हड़कंप