NOTA पर सुप्रीम कोर्ट के तीखे सवाल

सुप्रीम कोर्ट में NOTA विकल्प की उपयोगिता पर सुनवाई के दौरान जजों की बेंच
सुप्रीम कोर्ट ने NOTA विकल्प की प्रभावशीलता पर केंद्र सरकार से जवाब मांगा

क्या नेताओं की गुणवत्ता सुधरी या विकल्प सिर्फ औपचारिकता?

सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को NOTA यानी ‘इनमें से कोई नहीं’ विकल्प की उपयोगिता पर गंभीर सवाल उठाए। कोर्ट ने केंद्र सरकार से पूछा कि आखिर NOTA से वास्तविक फायदा क्या हुआ है। क्या इससे चुने गए नेताओं की गुणवत्ता में सुधार आया है? दरअसल, चीफ जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाल्या बागची की बेंच एक जनहित याचिका पर सुनवाई कर रही थी। यह याचिका 1951 के रिप्रेजेंटेशन ऑफ पीपल एक्ट के उस प्रावधान को चुनौती देती है। यह प्रावधान निर्विरोध चुनाव, यानी जब केवल एक उम्मीदवार मैदान में हो, तब मतदाताओं को NOTA का विकल्प नहीं देता।

कोर्ट ने उठाए अहम सवाल

सुनवाई के दौरान जस्टिस बागची ने कहा कि NOTA किसी भी सीट को भर नहीं सकता। इसलिए इसका प्रभाव सीमित है। अगर किसी सीट पर केवल एक ही उम्मीदवार हो, तो क्या तब भी NOTA जरूरी है? इसके साथ ही कोर्ट ने यह भी पूछा कि क्या NOTA के आने के बाद से बेहतर नेता चुने गए हैं। जस्टिस बागची ने एक और चिंता जाहिर की। उन्होंने कहा कि पढ़े-लिखे और आर्थिक रूप से मजबूत लोग अक्सर कम मतदान करते हैं। जबकि महिलाएं और कम पढ़े-लिखे वर्ग के लोग ज्यादा मतदान करते हैं। ऐसे में सवाल उठता है कि NOTA का वास्तविक असर कितना पड़ता है।

सरकार ने किया याचिका का विरोध

अटॉर्नी जनरल आर. वेंकटरमणि ने इस याचिका का विरोध किया। उन्होंने कहा कि यह याचिका कल्पना और अंदाजों पर आधारित है। इसके पीछे कोई ठोस आधार नहीं है। उन्होंने स्पष्ट किया कि मतदान एक संवैधानिक अधिकार है। चुनावी नियम कानून के अनुसार तय होते हैं।

क्या है NOTA का कानूनी और तकनीकी पक्ष?

NOTA का विकल्प इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन यानी EVM में उपलब्ध है। यह मतदाताओं को सभी उम्मीदवारों को अस्वीकार करने का अधिकार देता है। हालांकि, तकनीकी रूप से यह चुनाव परिणाम को प्रभावित नहीं करता। अगर NOTA को किसी भी उम्मीदवार से अधिक वोट मिलते हैं, तब भी सबसे ज्यादा वोट पाने वाला उम्मीदवार विजयी घोषित होता है। यानी NOTA सिर्फ असंतोष दर्ज कराने का माध्यम है। अब अगली सुनवाई 17 मार्च को होगी। ऐसे में यह देखना दिलचस्प होगा कि कोर्ट इस मुद्दे पर क्या दिशा-निर्देश देता है।

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