डूरंड लाइन पर फिर भड़की जंग, ड्रोन हमलों से बढ़ा तनाव

डूरंड लाइन के पास तैनात सुरक्षाबल और सैन्य वाहन
डूरंड लाइन पर गोलीबारी और ड्रोन हमलों के बाद हालात तनावपूर्ण।

सीमा पर तड़के शुरू हुई झड़प

Afghanistan और Pakistan के बीच तनाव एक बार फिर चरम पर पहुंच गया है। स्थानीय मीडिया के मुताबिक, शनिवार तड़के करीब 3 बजे Durand Line के पास पक्तिका प्रांत के तेरवा जिले में दोनों देशों की सेनाओं के बीच गोलीबारी शुरू हो गई। हालांकि शुरुआती झड़प में किसी आधिकारिक हताहत की पुष्टि नहीं हुई थी, लेकिन बाद की रिपोर्ट्स में हालात गंभीर बताए गए।

ड्रोन हमले और जवाबी कार्रवाई

रिपोर्ट्स के अनुसार, अफगानिस्तान की इस्लामिक अमीरात की सेनाओं ने पाकिस्तान के Khyber Pakhtunkhwa प्रांत के उत्तरी वजीरिस्तान स्थित मीरानशाह और स्पिनवाम में पाकिस्तानी सैन्य ठिकानों पर ड्रोन से हवाई हमले किए। अफगान पक्ष ने इन हमलों को ‘रद अल-जुल्म’ नाम दिया है। दावा किया गया कि यह कार्रवाई पाकिस्तान की ओर से Khost और पक्तिया में की गई बमबारी के जवाब में की गई। दूसरी ओर पाकिस्तान के रक्षा मंत्री Khawaja Asif ने अफगानिस्तान के खिलाफ ‘खुली जंग’ की घोषणा की है। पाकिस्तान का कहना है कि उसने सीमा पार से हुई फायरिंग के जवाब में यह कार्रवाई की।

19 लोगों की मौत, नागरिक प्रभावित

सीमा झड़पों के बाद अफगानिस्तान के खोस्त और पक्तिका प्रांतों में कम से कम 19 लोगों की मौत और 26 के घायल होने की खबर है। अफगान सरकार के उप-प्रवक्ता हमदुल्लाह फितरत ने कहा कि मरने वालों में ज्यादातर महिलाएं और बच्चे हैं। तालिबान प्रवक्ता Zabihullah Mujahid ने आरोप लगाया कि पाकिस्तान के भीतर एक ‘खास सर्कल’ क्षेत्र को अस्थिर करने की कोशिश कर रहा है।

ट्रंप का नरम रुख

अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति Donald Trump ने कहा कि जरूरत पड़ी तो वह दखल देने को तैयार हैं। हालांकि उन्होंने पाकिस्तान के साथ अपने ‘बहुत अच्छे’ संबंधों का भी जिक्र किया। उनके बयान को क्षेत्रीय हालात के बीच पाकिस्तान के समर्थन के रूप में देखा जा रहा है।

अंतरराष्ट्रीय समुदाय की अपील

यूरोपीय संघ और संयुक्त राष्ट्र ने दोनों देशों से संयम बरतने और बातचीत के जरिए समाधान निकालने की अपील की है। सऊदी अरब, कतर और तुर्की ने भी मध्यस्थता की कोशिशें शुरू कर दी हैं। फिलहाल हालात तनावपूर्ण बने हुए हैं। दोनों देशों की सेनाएं हाई अलर्ट पर हैं और क्षेत्रीय स्थिरता को लेकर चिंताएं बढ़ती जा रही हैं।

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