पाकिस्तान में आतंकवाद और सत्ता के बीच गहराता टकराव एक बार फिर उजागर हो गया है। प्रतिबंधित आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा के सीनियर कमांडर अबू मूसा कश्मीरी का एक वीडियो सामने आया है, जिसमें वह न सिर्फ भारत को खुली धमकी देता दिख रहा है, बल्कि पाकिस्तान की सरकार और सेना के खिलाफ भी बगावती तेवर अपनाता नजर आ रहा है। यह वीडियो हाल के वर्षों में लश्कर की सबसे आक्रामक सार्वजनिक धमकियों में से एक माना जा रहा है।
वीडियो संदेश में अबू मूसा कश्मीरी अपने समर्थकों से हिंसा का रास्ता अपनाने की अपील करता है। वह कहता है कि आज़ादी बातचीत, अपील या कूटनीति से नहीं, बल्कि हथियारों के ज़रिये हासिल की जाएगी। वह पुराने धार्मिक युद्धों का हवाला देकर युवाओं को उकसाने की कोशिश करता है, जिससे उसके भाषण की गंभीरता और खतरा दोनों बढ़ जाते हैं।
चौंकाने वाली बात यह है कि कश्मीरी ने केवल भारत को निशाना नहीं बनाया, बल्कि पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और सेना प्रमुख जनरल आसिम मुनीर पर भी तीखा हमला बोला। उसने कहा कि जो नेता उसके कथित ‘जिहाद’ के एजेंडे के प्रति वफादार नहीं हैं, उन्हें शासन करने का कोई अधिकार नहीं है। उसने पाकिस्तान के नेतृत्व पर धार्मिक सिद्धांतों से भटकने का आरोप लगाया।
यह बयान ऐसे समय आया है, जब लश्कर के एक अन्य कमांडर मोहम्मद अशफाक राणा भी पाकिस्तान सरकार पर कुप्रबंधन, आर्थिक बदहाली और अंतरराष्ट्रीय कर्ज के दुरुपयोग जैसे गंभीर आरोप लगा चुका है। इन घटनाओं से साफ संकेत मिलते हैं कि पाकिस्तान में आतंकी संगठन अब केवल सीमा पार आतंक तक सीमित नहीं हैं, बल्कि देश की सत्ता संरचना को भी खुली चुनौती दे रहे हैं।
