मेदिनीनगर (पलामू)।
मेदिनीनगर के बैरिया चौक पर हुए सिलिंडर ब्लास्ट मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। इस मामले में गैस एजेंसी संचालक अजय कुमार साहू को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है।
छापेमारी में 61 सिलिंडर बरामद
शहर थाना प्रभारी ज्योतिलाल रजवार के नेतृत्व में पुलिस टीम ने कार्रवाई करते हुए आरोपी की निशानदेही पर बाजार समिति स्थित शेड से बड़ी संख्या में सिलिंडर जब्त किए। इंटरहेडिंग के बाद पूरे क्रम में देखें तो, पुलिस ने 26 घरेलू और 10 कमर्शियल सिलिंडर शेड से बरामद किए, जबकि आरोपी के वाहन से छिपाकर रखे गए 36 घरेलू सिलिंडर भी बरामद हुए।
घर में चल रहा था अवैध गैस गोदाम
जांच में सामने आया कि जिस मकान में विस्फोट हुआ, वहां अवैध रूप से गैस का भंडारण किया जा रहा था।
पांडू क्षेत्र की एजेंसी का स्टॉक मेदिनीनगर में रखकर कालाबाजारी की जा रही थी। रिहायशी इलाके में इस तरह का अवैध ‘गैस गोदाम’ लोगों की जान के लिए बड़ा खतरा बना हुआ था।
साक्ष्य मिटाने की कोशिश का शक
घटनास्थल से पहले दिन 5 भरे, 35 खाली और 21 कमर्शियल सिलिंडर मिले थे।
लेकिन अगले दिन जांच में 36 सिलिंडर गायब पाए गए, जिससे साक्ष्य मिटाने की आशंका जताई जा रही है।
FSL जांच और लाइसेंस रद्द करने की तैयारी
फोरेंसिक साइंस लैब (FSL) की टीम ने मौके से सैंपल जुटाए हैं, ताकि विस्फोट के कारणों की वैज्ञानिक जांच की जा सके। जिला प्रशासन ने गैस एजेंसी का लाइसेंस रद्द करने की अनुशंसा भी की है।
9 पुलिसकर्मी सस्पेंड
मामले में लापरवाही को देखते हुए प्रशासन ने टीओपी-3 प्रभारी और पेट्रोलिंग टीम प्रभारी सहित 9 पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया है। इससे विभागीय स्तर पर भी सख्ती का संकेत मिला है।
अवैध गैस नेटवर्क पर उठे सवाल
इस घटना ने शहर में अवैध गैस भंडारण और रिफिलिंग के बड़े नेटवर्क की ओर इशारा किया है। सवाल उठ रहा है कि रिहायशी इलाकों में इतने बड़े पैमाने पर यह कारोबार कैसे चल रहा था। इंटरहेडिंग के बाद पूरे क्रम में समझें तो, अब लोगों की नजर प्रशासन पर है कि क्या अन्य इलाकों में भी ऐसे अवैध केंद्रों पर कार्रवाई होगी या नहीं।
हादसा नहीं, बड़ी चेतावनी
यह घटना सिर्फ एक हादसा नहीं, बल्कि चेतावनी है कि अवैध गैस भंडारण और कालाबाजारी आम लोगों की सुरक्षा के लिए कितना बड़ा खतरा बन सकती है।
