Paper Cup में चाय-कॉफी पीना पड़ सकता भारी, बढ़ सकती गंभीर बीमारी

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Paper Cup में चाय-कॉफी पीने से बढ़ सकता है बीमारी का खतरा

तेज़ लाइफस्टाइल में सुविधाजनक लगने वाला पेपर कप अब सेहत के लिए बनता जा रहा है बड़ा खतरा

Paper Cup में चाय-कॉफी का बढ़ता चलन

आज की भागदौड़ भरी ज़िंदगी में चाय और कॉफी सिर्फ पेय नहीं, बल्कि आदत बन चुकी है। ऑफिस ब्रेक हो, बस स्टैंड या रेलवे स्टेशन, हर जगह पेपर कप में चाय-कॉफी आसानी से मिल जाती है। इसलिए लोग इसे सुरक्षित और हाइजीनिक मानकर बिना सोचे-समझे इस्तेमाल करते हैं। लेकिन अब मेडिकल एक्सपर्ट्स इस आदत को लेकर गंभीर चेतावनी दे रहे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि Paper Cup में गर्म पेय पदार्थ पीना लंबे समय में शरीर को नुकसान पहुंचा सकता है। यही वजह है कि यह विषय अब सिर्फ सुविधा का नहीं, बल्कि सेहत से जुड़ा बड़ा मुद्दा बन चुका है।

Paper Cup कैसे बनता है और कहां से शुरू होता है खतरा

अक्सर लोग सोचते हैं कि पेपर कप केवल कागज से बने होते हैं। लेकिन हकीकत यह है कि इन्हें वाटरप्रूफ बनाने के लिए अंदर की परत में प्लास्टिक या केमिकल कोटिंग की जाती है। जब इसमें गर्म चाय या कॉफी डाली जाती है, तो यह कोटिंग धीरे-धीरे टूटने लगती है। इसके बाद माइक्रोप्लास्टिक और हानिकारक केमिकल्स पेय पदार्थ में मिल सकते हैं। ये कण दिखाई नहीं देते, लेकिन शरीर में जाकर धीरे-धीरे नुकसान करते हैं। लगातार सेवन से शरीर में टॉक्सिक तत्व जमा होने लगते हैं, जो कई बीमारियों की वजह बन सकते हैं।

कैंसर और थायरॉइड का खतरा क्यों बढ़ता है

डॉक्टर्स के अनुसार कई Paper Cup में बिसफेनोल-ए यानी BPA जैसे केमिकल्स पाए जाते हैं। गर्म पेय के संपर्क में आने पर ये तत्व सीधे चाय या कॉफी में घुल जाते हैं। लंबे समय तक ऐसा होने से हार्मोनल बैलेंस बिगड़ सकता है। विशेषज्ञ मानते हैं कि यही असंतुलन थायरॉइड जैसी समस्याओं को जन्म देता है। इसके अलावा, लगातार केमिकल्स के संपर्क में रहने से कोशिकाओं को नुकसान पहुंचता है, जिससे कैंसर का खतरा भी बढ़ सकता है। इसका असर तुरंत नजर नहीं आता, लेकिन वर्षों बाद गंभीर रूप में सामने आ सकता है।

पाचन तंत्र पर भी पड़ता है असर

Paper Cup में मौजूद माइक्रोप्लास्टिक और केमिकल्स पाचन तंत्र को भी प्रभावित करते हैं। गर्म पेय के साथ ये तत्व शरीर में पहुंचकर एसिडिटी, गैस, पेट दर्द और अपच जैसी समस्याएं बढ़ा सकते हैं। जिन लोगों को पहले से पेट से जुड़ी दिक्कतें हैं, उनके लिए यह आदत और भी ज्यादा खतरनाक साबित हो सकती है। डॉक्टरों का कहना है कि रोजमर्रा की छोटी लापरवाही आगे चलकर बड़ी बीमारी का कारण बन सकती है।

क्या है सुरक्षित विकल्प

विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि जहां तक संभव हो, स्टील, कांच या सिरेमिक कप का इस्तेमाल करें। अगर बाहर चाय-कॉफी पीनी पड़े, तो डिस्पोजेबल पेपर कप की जगह सुरक्षित विकल्प चुनना बेहतर है। सेहत के मामले में थोड़ी सी सावधानी भविष्य में बड़ी परेशानी से बचा सकती है।

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