जितनी ताकत लगाना है लगा लो हम रात में नहीं जाएंगे, क्या कहता है पुलिस मैनुअल

Pappu Yadav arrested by Patna Police at night
पटना में देर रात पुलिस द्वारा गिरफ्तार किए गए सांसद पप्पू यादव

पटना में बीती रात एक हाई वोल्टेज राजनीतिक ड्रामा देखने को मिला. पूर्णिया से निर्दलीय सांसद राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव को पटना पुलिस ने देर रात करीब 12 बजे गिरफ्तार कर लिया. यह गिरफ्तारी 31 साल पुराने एक किरायेदारी विवाद से जुड़े मामले में हुई है. हालांकि, इस कार्रवाई के समय और तरीके को लेकर अब कई सवाल उठ रहे हैं.

देर रात गिरफ्तारी से पहले हंगामा

शुक्रवार देर रात जैसे ही पप्पू यादव दिल्ली से पटना स्थित अपने मंदिरी आवास पहुंचे, पुलिस टीम वारंट लेकर वहां पहुंच गई. इसके बाद पुलिस और समर्थकों के बीच तीखी नोकझोंक शुरू हो गई. इसी दौरान पप्पू यादव ने कहा, “जितनी ताकत लगाना है लगा लो, हम रात में नहीं जाएंगे.” जवाब में पुलिस अधिकारियों ने कानून का पालन करने की बात कही. हालात इतने तनावपूर्ण हो गए कि करीब ढाई घंटे तक गतिरोध बना रहा.

किस मामले में हुई गिरफ्तारी

यह मामला वर्ष 1995 का है. आरोप है कि पप्पू यादव ने विनोद बिहारी लाल नामक व्यक्ति का मकान धोखाधड़ी से किराये पर लिया था. लंबे समय से चल रहे केस में कोर्ट के समन के बावजूद पेश न होने पर एमपी-एमएलए कोर्ट ने वारंट और कुर्की का आदेश जारी किया था. इसी आदेश के तहत पुलिस गिरफ्तारी के लिए पहुंची थी.

क्या रात में गिरफ्तारी नियमों के खिलाफ है

पूर्व आईपीएस अधिकारी और दिल्ली पुलिस के पूर्व ज्वाइंट सीपी एसबीएस त्यागी के मुताबिक, पुलिस किसी भी समय गिरफ्तारी कर सकती है. हालांकि, सुप्रीम कोर्ट और बीएनएस एक्ट के अनुसार सात साल तक की सजा वाले मामलों में गिरफ्तारी जरूरी नहीं मानी जाती. ऐसे मामलों में नोटिस देकर पेश होने का मौका दिया जाना चाहिए. यही वजह है कि इस कार्रवाई को कई लोग मोटिवेटेड बता रहे हैं.

क्या थाने से मिल सकती थी जमानत

कानूनी विशेषज्ञों का कहना है कि 31 साल पुराने मामले में, जहां आरोपी खुद कोर्ट में पेश होने की बात कह रहा हो, वहां थाने से जमानत संभव थी. साथ ही, अगर किसी संपत्ति पर 12 साल से अधिक समय तक कब्जा हो, तो कानून की व्याख्या बदल जाती है. ऐसे में गिरफ्तारी की टाइमिंग पर सवाल उठना स्वाभाविक है.

अब आगे क्या

नियमों के अनुसार, पटना पुलिस को 24 घंटे के भीतर लोकसभा स्पीकर को गिरफ्तारी की सूचना देनी होगी. फिलहाल यह मामला कानूनी के साथ-साथ राजनीतिक बहस का मुद्दा बन गया है. आने वाले दिनों में कोर्ट की टिप्पणी और पुलिस की रिपोर्ट से तस्वीर साफ हो सकती है.

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