महिला कार्यकर्ता चूड़ियां लेकर पहुंची, गृह मंत्री सम्राट चौधरी पर लगाया बड़ा आरोप
पटना में NEET की तैयारी कर रही छात्रा की संदिग्ध मौत और कथित दरिंदगी के मामले को लेकर सियासत तेज हो गई है। कांग्रेस ने इस मामले में सरकार को घेरते हुए पटना के इनकम टैक्स चौराहे पर जोरदार प्रदर्शन किया। इस दौरान कांग्रेस की महिला कार्यकर्ता चूड़ियां लेकर प्रदर्शन स्थल पर पहुंचीं और गृह मंत्री सम्राट चौधरी पर सीधा हमला बोला। महिला कार्यकर्ता ने कहा कि यह चूड़ियां सम्राट चौधरी को दी जाएंगी। उन्होंने कहा कि चूड़ियां महिलाओं की शक्ति का प्रतीक हैं और सृष्टि रचने वाली स्त्री का सम्मान दर्शाती हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि शंभू गर्ल्स हॉस्टल में जो कुछ हुआ, उसके लिए सिर्फ एक ही व्यक्ति जिम्मेदार है और वह हैं गृह मंत्री सम्राट चौधरी।
प्रदर्शन के दौरान उठे तीखे सवाल
कांग्रेस के इस प्रदर्शन में पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष राजेश राम, कांग्रेस प्रभारी कृष्णा अल्लावरु समेत कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे। प्रदर्शन के दौरान महिला कार्यकर्ता ने सरकार से कई तीखे सवाल पूछे। उन्होंने कहा कि आखिर मामले में स्पीडी ट्रायल क्यों नहीं कराया गया। अब तक दोषियों को फांसी की सजा क्यों नहीं दी गई। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि तुरंत एसआईटी का गठन क्यों नहीं किया गया। उनका आरोप था कि जब तक एसआईटी बनाई गई, तब तक कई अहम सबूत मिटाए जा चुके थे। महिला कार्यकर्ता ने कहा कि सरकार केवल ड्रामा कर रही है। उन्होंने साफ कहा कि अपराधी चाहे महिला हो या पुरुष, सजा सबको मिलनी चाहिए। उन्होंने चेतावनी दी कि बेटी की बेइज्जती किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
कृष्णा अल्लावरु का सरकार पर हमला
कांग्रेस प्रभारी कृष्णा अल्लावरु ने भी सरकार पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि सरकार ने शुरू में एफआईआर को दबाने की कोशिश की। जनता के दबाव में आकर ही सरकार ने इस मामले में संज्ञान लिया। उन्होंने कहा कि केवल एसआईटी बैठा देने से सरकार अपनी जिम्मेदारी से बच नहीं सकती। बिहार की जनता को सुरक्षा देना सरकार का कर्तव्य है। उन्होंने सवाल उठाया कि अगर समय पर कार्रवाई होती तो हालात इतने गंभीर नहीं होते।
विपक्ष का दबाव लगातार बढ़ा
इस मामले में विपक्ष लगातार सरकार को घेर रहा है। इससे पहले आरजेडी नेता रोहिणी आचार्य ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर सवाल उठाया था कि आरोपी कब गिरफ्तार होंगे। वहीं पूर्णिया के सांसद पप्पू यादव ने भी डॉक्टर, हॉस्टल संचालक और पुलिस की भूमिका पर सवाल खड़े किए थे। लगातार बढ़ते दबाव और विरोध के बीच अब यह मामला राज्य की राजनीति का बड़ा मुद्दा बन चुका है।
