Patna NEET Student Death Case: पोस्टमार्टम रिपोर्ट से खुलेगा राज, अब दिल्ली AIIMS करेगी जांच

Patna NEET student death case investigation
पटना नीट छात्रा मौत मामले की जांच में जुटी पुलिस

नीट छात्रा मौत मामले में तेज हुई जांच, SIT को मिले अहम सुराग

पटना में NEET की तैयारी कर रही छात्रा की रहस्यमयी मौत के मामले में अब बड़ा खुलासा होने की उम्मीद है। दरअसल, इस केस की पोस्टमार्टम रिपोर्ट की दोबारा जांच अब पटना एम्स नहीं, बल्कि दिल्ली एम्स करेगी। जांच एजेंसियों ने मामले से जुड़े सभी अहम सैंपल और डॉक्यूमेंट दिल्ली एम्स भेज दिए हैं। जानकारी के मुताबिक, विसरा, वेजाइनल स्वाब, टिशू सैंपल, कपड़े, बॉडी की वीडियोग्राफी, फोटो, खाने-पीने से जुड़े साक्ष्य, इलाज के दौरान डॉक्टरों की रिपोर्ट और पीएमसीएच की पोस्टमार्टम रिपोर्ट को जांच के लिए दिल्ली एम्स भेजा गया है। इससे साफ है कि अब केस को गंभीरता से टेक्निकल एंगल से खंगाला जाएगा।

SIT की कार्रवाई से बढ़ी उम्मीद

इससे पहले रविवार को एसआईटी की टीम ने कई जगहों पर छापेमारी और पूछताछ की। टीम सबसे पहले सहज सर्जरी नर्सिंग होम पहुंची। इसके बाद प्रभात मेमोरियल हॉस्पिटल और जहानाबाद में भी जांच की गई। पूछताछ के बाद तीन लोगों को कस्टडी में लिया गया है। इसी वजह से माना जा रहा है कि SIT को अहम सुराग हाथ लगे हैं। पुलिस प्रशासन भी पूरी तरह एक्शन मोड में नजर आ रहा है। ऐसे में आने वाले दिनों में मामले से जुड़ा बड़ा खुलासा संभव माना जा रहा है।

इलाज के दौरान हुई थी छात्रा की मौत

मृत छात्रा पटना के चित्रगुप्त नगर थाना क्षेत्र के एक हॉस्टल में रहकर NEET की तैयारी कर रही थी। वह 5 जनवरी को घर से लौटकर हॉस्टल आई थी। 6 जनवरी को वह पूरे दिन कमरे से बाहर नहीं निकली। इसके बाद छात्रा अपने कमरे में बेहोशी की हालत में मिली। पहले उसे सहज सर्जरी नर्सिंग होम ले जाया गया। हालत गंभीर होने पर प्रभात मेमोरियल हॉस्पिटल और फिर मेदांता हॉस्पिटल शिफ्ट किया गया। इलाज के दौरान 11 जनवरी को छात्रा की मौत हो गई।

पोस्टमार्टम रिपोर्ट पर क्यों उठे सवाल

पोस्टमार्टम रिपोर्ट सामने आने के बाद कई गंभीर सवाल खड़े हुए। इन्हीं सवालों के चलते अब जांच दिल्ली एम्स को सौंपी गई है। रिपोर्ट पर उठे प्रमुख सवाल इस प्रकार हैं।

यूरिन सैंपल दो दिन बाद क्यों लिया गया।
कुछ ही घंटों में यूरिन जांच रिपोर्ट कैसे आ गई।
जिस नींद की गोली का जिक्र रिपोर्ट में है, वह बैन है, फिर वह कहां से आई।
मेडिको एक्ट के अनुसार यूरिन सैंपल 15 दिन तक सुरक्षित रखा जाता है, लेकिन सैंपल कहां है।
क्या जांच रिपोर्ट किसी रणनीति के तहत तैयार की गई।

हॉस्टल के बाहर हुआ हंगामा

रविवार को छात्रा के हॉस्टल के बाहर जमकर हंगामा हुआ। हॉस्टल में रह रहीं अन्य छात्राएं अपने नोट्स, किताबें और जरूरी सामान लेने पहुंचीं थीं। उनका आरोप था कि उन्हें अंदर जाने से रोका गया। हालांकि, देर शाम पुलिस के आदेश के बाद हॉस्टल खोला गया। छात्राओं ने अपना सामान लिया और परिजनों के साथ हॉस्टल छोड़ दिया। कई छात्राओं ने सुरक्षा को लेकर चिंता जताई और हॉस्टल छोड़ने का फैसला किया।

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