पाकिस्तान में पलटा वार! कुलभूषण जाधव से जुड़ा PFF बना 16 सैनिकों का कातिल

Bajaur में आत्मघाती हमले के बाद क्षतिग्रस्त चेकपोस्ट और सुरक्षा बल
बाजौर के ममूंद इलाके में आत्मघाती हमले के बाद का दृश्य

बाजौर में आत्मघाती हमला, जैश अल-अदल के नए चेहरे पर गंभीर सवाल

पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा प्रांत में बड़ा आतंकी हमला हुआ। इस हमले ने पाक सेना को झकझोर दिया। सोमवार को बाजौर जिले के ममूंद (मलांगी) इलाके में 172वें विंग बाजौर स्काउट्स को निशाना बनाया गया। आत्मघाती हमलावर ने सुरक्षा चेकपोस्ट के पास खुद को उड़ा लिया।इस धमाके में 16 पाकिस्तानी सैनिकों की मौत हो गई। साथ ही चार आम नागरिक भी मारे गए। कई लोग गंभीर रूप से घायल बताए जा रहे हैं। धमाके की तीव्रता इतनी ज्यादा थी कि आसपास के घरों की छतें ढह गईं। मदरसे की इमारत को भी भारी नुकसान पहुंचा। घटना के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई।

कौन है People’s Fighters Front (PFF)?

इस हमले की जिम्मेदारी पीपल्स फाइटर्स फ्रंट यानी PFF ने ली है। संगठन ने सोशल मीडिया पर वीडियो जारी किया। उसने दावा किया कि यह हमला सिस्तान-बलूचिस्तान सीमा पर चल रहे अभियानों का हिस्सा है। हालांकि खुफिया सूत्र कुछ और कहानी बताते हैं। उनके अनुसार PFF, जैश अल-अदल का ही नया चेहरा है। जैश अल-अदल एक सुन्नी चरमपंथी संगठन है। यह ईरान विरोधी गतिविधियों में सक्रिय रहा है।

कुलभूषण जाधव से कनेक्शन

साल 2016 में भारतीय नौसेना के पूर्व अधिकारी कुलभूषण जाधव का ईरान के चाबहार से अपहरण हुआ था। आरोप है कि जैश अल-अदल ने उन्हें अगवा किया। बाद में उन्हें पाकिस्तान की आईएसआई के हवाले कर दिया गया। पाकिस्तान ने उन पर जासूसी के आरोप लगाए और मौत की सजा सुनाई। अंतरराष्ट्रीय अदालत (ICJ) ने पाकिस्तान को फटकार लगाई थी। फिर भी जाधव आज तक हिरासत में हैं। अब वही नेटवर्क पाकिस्तान के लिए सिरदर्द बनता दिख रहा है।

पाकिस्तान के लिए भस्मासुर

विशेषज्ञ मानते हैं कि आईएसआई ने इन संगठनों को समर्थन दिया। पहले इनका इस्तेमाल भारत और ईरान के खिलाफ किया गया। लेकिन अब हालात बदल गए हैं। बलूचिस्तान और खैबर पख्तूनख्वा में हमले बढ़े हैं। सैकड़ों सैनिक मारे जा चुके हैं। ताजा बाजौर हमला इस दोहरे खेल का परिणाम माना जा रहा है। पाकिस्तान ने जो बोया, अब वही काट रहा है।

Read More :- जोगी महल गेट पर बनेगी नई पार्किंग, जाम से मिलेगी राहत